भगवान विश्वकर्मा (Vishwakarma Ashtakam)

Vishwakarma Ashtakam in Hindi | श्री विश्वकर्मा अष्टकम पाठ

श्री विश्वकर्मा अष्टकम (Vishwakarma Ashtakam) भगवान विश्वकर्मा की स्तुति में लिखा गया संस्कृत स्तोत्र है। मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा सृष्टि के शिल्पकार और निर्माण के देवता हैं, इसीलिए कारीगर, इंजीनियर, मिस्त्री और औज़ारों-मशीनों से काम करने वाले लोग उनकी पूजा करते हैं। नीचे पूरा विश्वकर्मा अष्टकम हिंदी (संस्कृत) पाठ दिया गया है।

विश्वकर्मा अष्टकम एक नज़र में (At a Glance)

  • किसे समर्पित: भगवान विश्वकर्मा
  • स्वरूप: संस्कृत श्लोकों में लिखा अष्टकम (स्तोत्र)
  • कौन पढ़ता है: कारीगर, शिल्पकार, इंजीनियर, मशीन और औज़ारों से जुड़े लोग
  • विशेष अवसर: विश्वकर्मा पूजा

श्री विश्वकर्मा अष्टकम पाठ (Vishwakarma Ashtakam Lyrics)

निरञ्जनो निराकारः निर्विकल्पो मनोहरः।
निरामयो निजानन्दः निर्विघ्नाय नमो नमः॥1॥

अनादिरप्रमेयश्च अरूपश्च जयाजयः।
लोकरूपो जगन्नाथः विश्वकर्मन्नमो नमः॥2॥

नमो विश्वविहाराय नमो विश्वविहारिणे।
नमो विश्वविधाताय नमस्ते विश्वकर्मणे॥3॥

नमस्ते विश्वरूपाय विश्वभूताय ते नमः।
नमो विश्वात्मभूथात्मन् विश्वकर्मन्नमोऽस्तु ते॥4॥

विश्वायुर्विश्वकर्मा च विश्वमूर्तिः परात्परः।
विश्वनाथः पिता चैव विश्वकर्मन्नमोऽस्तु ते॥5॥

विश्वमङ्गलमाङ्गल्यः विश्वविद्याविनोदितः।
विश्वसञ्चारशाली च विश्वकर्मन्नमोऽस्तु ते॥6॥

विश्वैकविधवृक्षश्च विश्वशाखा महाविधः।
शाखोपशाखाश्च तथा तद्वृक्षो विश्वकर्मणः॥7॥

तद्वृक्षः फलसम्पूर्णः अक्षोभ्यश्च परात्परः।
अनुपमानो ब्रह्माण्डः बीजमोङ्कारमेव च॥8॥

॥ इति विश्वकर्माष्टकं सम्पूर्णम् ॥

विश्वकर्मा अष्टकम का पाठ कैसे करें?

परंपरा के अनुसार स्नान के बाद साफ़ जगह पर भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक जलाकर श्रद्धा से पाठ किया जाता है। काम के औज़ार और मशीनों की साफ़-सफ़ाई करके उनकी पूजा करने की भी परंपरा है। विश्वकर्मा पूजा के दिन इसका पाठ विशेष रूप से किया जाता है। संस्कृत शब्दों का उच्चारण धीरे और साफ़ रखें।

विश्वकर्मा अष्टकम से जुड़े सवाल (FAQ)

विश्वकर्मा अष्टकम क्या है?

यह भगवान विश्वकर्मा की स्तुति वाला संस्कृत स्तोत्र है, जिसे अष्टकम कहा जाता है यानी आठ श्लोकों की रचना।

विश्वकर्मा अष्टकम का पाठ कब करना चाहिए?

विश्वकर्मा पूजा के दिन और काम की शुरुआत से पहले श्रद्धालु इसका पाठ करते हैं। कोई तय नियम नहीं है, आप रोज़ भी पढ़ सकते हैं।

विश्वकर्मा की आरती कहाँ पढ़ें?

साइट पर श्री विश्वकर्मा जी की आरती और विश्वकर्मा चालीसा के अलग पेज भी उपलब्ध हैं।

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है।