दुर्गा माँ के 108 नाम एक नज़र में
- कुल नाम: 108 (Durga Ashtottara Shatanamavali के नाम)
- साथ में: हर नाम का हिंदी अर्थ
- कब जपें: नवरात्रि और माँ दुर्गा के पूजन के समय
- संबंधित पेज: माँ दुर्गा के 32 नाम और दुर्गा द्वात्रिंशत नाम माला
माँ दुर्गा के 108 नाम अर्थ सहित (Durga ke 108 Naam with Meaning)
- सती – जल कर भी जीवित
- साध्वी – आशावादी
- भवप्रीता – भगवान शिव की प्रिया
- भवानी – ब्रह्मांड में निवास करने वाली
- भवमोचनी – संसारिक बंधनों से मुक्ति देने वाली
- आर्या – देवी स्वरूपा
- दुर्गा – अपराजेय
- जया – विजयी
- आद्य – शुरुआत की वास्तविकता
- त्रिनेत्र – तीन आंखों वाली
- शूलधारिणी – शूल धारण करने वाली
- पिनाकधारिणी – शिव-त्रिशूल धारण करने वाली
- चित्रा – सुरम्य, सुंदर
- चण्डघण्टा – प्रचण्ड स्वर में नाद करने वाली
- सुधा – अमृत की देवी
- मन – मनन-शक्ति
- बुद्धि – सर्वज्ञाता
- अहंकारा – अभिमान हरने वाली
- चित्तरूपा – वह जो सोच की अवस्था में है
- चिता – मृत्युशय्या पर भी जो हैं
- चिति – चेतना प्रदान करने वाली
- सर्वमन्त्रमयी – सभी मंत्रों का ज्ञान रखने वाली
- सत्ता – सत-स्वरूपा, जो सब से ऊपर है
- सत्यानंद स्वरूपिणी – अनन्त आनंद का रूप
- अनन्ता – जिनके स्वरूप का कहीं अंत नहीं
- भाविनी – सबको उत्पन्न करने वाली सुंदरी
- भाव्या – भावना एवं ध्यान करने योग्य
- भव्या – भव्यता से युक्त
- अभव्या – जिससे बढ़कर भव्य कुछ नहीं
- सदागति – हमेशा गति में, मोक्ष दान
- शाम्भवी – शिव-शंभू की पत्नी
- देवमाता – देवगण की माता
- चिन्ता – चिन्ता में भी व्याप्त
- रत्नप्रिया – गहने से प्यार करने वाली
- सर्वविद्या – ज्ञान का निवास
- दक्षकन्या – दक्ष की बेटी
- दक्षयज्ञविनाशिनी – दक्ष के यज्ञ को रोकने वाली
- अपर्णा – तपस्या के समय पत्ते तक से दूर
- अनेकवर्णा – अनेक रंगों वाली
- पाटला – लाल रंग वाली
- पाटलावती – गुलाब के फूल
- पट्टाम्बरपरीधाना – रेशमी वस्त्र पहनने वाली
- कलामंजीरारंजिनी – पायल धारण कर प्रसन्न
- अमेय – जिसकी कोई सीमा नहीं
- विक्रमा – असीम पराक्रमी
- क्रूरा – दैत्यों के प्रति कठोर
- सुन्दरी – सुंदर रूप वाली
- सुरसुन्दरी – अत्यंत सुंदर
- वनदुर्गा – जंगलों की देवी
- मातंगी – मतंगा की देवी
- मातंगमुनिपूजिता – बाबा मतंगा द्वारा पूजनीय
- ब्राह्मी – भगवान ब्रह्मा की शक्ति
- माहेश्वरी – प्रभु शिव की शक्ति
- इंद्री – इंद्र की शक्ति
- कौमारी – किशोरी
- वैष्णवी – अजेय
- चामुण्डा – चंड-मुंड का नाश करने वाली
- वाराही – वराह पर सवार होने वाली
- लक्ष्मी – सौभाग्य की देवी
- पुरुषाकृति – वह जो पुरुष धारण कर ले
- विमिलौत्त्कार्शिनी – आनन्द प्रदान करने वाली
- ज्ञाना – ज्ञान से भरी हुई
- क्रिया – हर कार्य में होने वाली
- नित्या – अनन्त
- बुद्धिदा – ज्ञान देने वाली
- बहुला – विभिन्न रूपों वाली
- बहुलप्रेमा – सर्व प्रिय
- सर्ववाहनवाहना – सभी वाहन पर विराजमान होने वाली
- निशुम्भशुम्भहननी – शुम्भ, निशुम्भ का वध करने वाली
- महिषासुरमर्दिनि – महिषासुर का वध करने वाली
- मसुकैटभहंत्री – मधु व कैटभ का नाश करने वाली
- चण्डमुण्ड विनाशिनि – चंड और मुंड का नाश करने वाली
- सर्वासुरविनाशा – सभी राक्षसों का नाश करने वाली
- सर्वदानवघातिनी – संहार के लिए शक्ति रखने वाली
- सर्वशास्त्रमयी – सभी सिद्धांतों में निपुण
- सत्या – सच्चाई
- सर्वास्त्रधारिणी – सभी हथियारों धारण करने वाली
- अनेकशस्त्रहस्ता – कई हथियार धारण करने वाली
- अनेकास्त्रधारिणी – अनेक हथियारों को धारण करने वाली
- कुमारी – सुंदर किशोरी
- एककन्या – कन्या
- कैशोरी – जवान लड़की
- युवती – नारी
- यति – तपस्वी
- अप्रौढा – जो कभी पुराना ना हो
- प्रौढा – जो पुराना है
- वृद्धमाता – शिथिल
- बलप्रदा – शक्ति देने वाली
- महोदरी – ब्रह्मांड को संभालने वाली
- मुक्तकेशी – खुले बाल वाली
- घोररूपा – एक भयंकर दृष्टिकोण वाली
- महाबला – अपार शक्ति वाली
- अग्निज्वाला – मार्मिक आग की तरह
- रौद्रमुखी – विध्वंसक रुद्र की तरह भयंकर चेहरा
- कालरात्रि – काले रंग वाली
- तपस्विनी – तपस्या में लगे हुए
- नारायणी – भगवान नारायण की विनाशकारी रूप
- भद्रकाली – काली का भयंकर रूप
- विष्णुमाया – भगवान विष्णु का जादू
- जलोदरी – ब्रह्मांड में निवास करने वाली
- शिवदूती – भगवान शिव की राजदूत
- करली – हिंसक
- अनन्ता – विनाश रहित
- परमेश्वरी – प्रथम देवी
- कात्यायनी – ऋषि कात्यायन द्वारा पूजनीय
- सावित्री – सूर्य की बेटी
- प्रत्यक्षा – वास्तविक
- ब्रह्मवादिनी – वर्तमान में हर जगह वास करने वाली
दुर्गा के 108 नाम का जाप कैसे करें
सुबह स्नान के बाद साफ़ जगह पर माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाकर श्रद्धा से नामों का जाप किया जाता है। नवरात्रि में इसे विशेष रूप से किया जाता है। अपनी पारिवारिक परंपरा या जानकार पंडित की सलाह के अनुसार नियम अपनाएँ।
जाप के लाभ (मान्यता के अनुसार)
मान्यता है कि माँ दुर्गा के नामों के जाप से मन को शांति और शक्ति मिलती है तथा देवी की कृपा बनी रहती है। ये लाभ आस्था पर आधारित हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
माँ दुर्गा के 108 नाम कौन-से हैं?
सभी 108 नाम अर्थ सहित इसी पेज पर ऊपर क्रमवार सूची में दिए गए हैं।
दुर्गा के 108 नाम का जाप कब करें?
आमतौर पर नवरात्रि और पूजा के समय, पर कोई एक समय अनिवार्य नहीं माना जाता।
दुर्गा के 32 नाम और 108 नाम में क्या अंतर है?
32 नाम एक छोटे स्तोत्र में आते हैं, जबकि 108 नाम की सूची अधिक विस्तृत होती है। 32 नाम यहाँ पढ़ें: माँ दुर्गा के 32 नाम।
नोट: लाभ धार्मिक मान्यता पर आधारित हैं।