पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप उन छात्रों के लिए सरकारी आर्थिक मदद है जो कक्षा 10 पास करके कक्षा 11 या उससे आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। ध्यान रखिए कि पूरे देश के लिए एक ही पोस्ट मैट्रिक योजना नहीं है। SC, OBC/EBC/DNT, ST और दिव्यांग छात्रों के लिए अलग-अलग केंद्रीय योजनाएँ हैं, जबकि अल्पसंख्यकों की पुरानी केंद्रीय योजना अब NSP पर बंद है। इस लेख में हर योजना आसान भाषा में समझाई गई है।
एक नज़र में (Quick facts)
| योजना | किसके लिए | आय सीमा | कहाँ आवेदन करें |
|---|---|---|---|
| पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप (SC) | कक्षा 11 से आगे पढ़ रहे SC छात्र | परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये तक (इसे 4.5 लाख करने का प्रस्ताव है) | आपके राज्य का पोर्टल या NSP |
| PM YASASVI पोस्ट मैट्रिक | OBC, EBC और DNT छात्र | 2.5 लाख रुपये सालाना | scholarships.gov.in या राज्य पोर्टल |
| दिव्यांग छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक | दिव्यांग छात्र | योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार | scholarships.gov.in |
| ST पोस्ट मैट्रिक | ST छात्र | जनजातीय कार्य मंत्रालय के दिशानिर्देश देखें | राज्य पोर्टल / NSP |
| केंद्रीय अल्पसंख्यक पोस्ट मैट्रिक | अल्पसंख्यक छात्र | NSP पर 2022 से बंद | राज्य की अपनी योजनाएँ देखें |
आख़िरी जाँच: अक्टूबर 2026। राशि और नियम समय-समय पर बदलते हैं, इसलिए आवेदन से पहले official portal पर जाँचें।
पोस्ट मैट्रिक का मतलब क्या है?
‘मैट्रिक’ का मतलब कक्षा 10 है और ‘पोस्ट मैट्रिक’ यानी कक्षा 10 के बाद की पढ़ाई। इसमें कक्षा 11-12, ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन, डिप्लोमा और प्रोफेशनल कोर्स शामिल हो सकते हैं, बशर्ते संस्थान मान्यता प्राप्त हो और भारत में हो। आम तौर पर इस स्कॉलरशिप के दो हिस्से होते हैं। पहला, रख-रखाव या शैक्षणिक भत्ता जो सीधे आपके बैंक खाते में आता है। दूसरा, संस्थान द्वारा ली जाने वाली अनिवार्य फीस की प्रतिपूर्ति।
SC छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप
- यह योजना उन SC छात्रों के लिए है जिनके माता-पिता या अभिभावक की आय 2.5 लाख रुपये सालाना से अधिक नहीं है।
- कक्षा 11 से आगे भारत में पढ़ाई करने वाले छात्र इसके दायरे में आते हैं।
- इसमें अनिवार्य और वापस न होने वाली फीस (ट्यूशन समेत) तथा शैक्षणिक भत्ता मिलता है। हरियाणा सरकार की आधिकारिक साइट पर कोर्स ग्रुप के हिसाब से मासिक राशि 230 से 1,200 रुपये के बीच दिखती है, लेकिन आपके राज्य की दरें अलग हो सकती हैं।
- वर्ष 2020-21 से इस योजना का खर्च केंद्र और राज्य 60:40 के अनुपात में उठाते हैं।
सरकार ने संसदीय समिति को बताया है कि आय सीमा बढ़ाकर 4.5 लाख रुपये करने, फीस की प्रतिपूर्ति पर सीमा तय करने और फंडिंग में बदलाव की योजना है। कुछ रिपोर्टों में कैबिनेट की मंज़ूरी की बात भी आई है, लेकिन हमें तारीख़ों के साथ अंतिम अधिसूचित नियम नहीं मिले। इसलिए इस साल क्या लागू है, यह socialjustice.gov.in और अपने राज्य के पोर्टल पर ज़रूर जाँचें।
OBC, EBC और DNT के लिए PM YASASVI
PM YASASVI योजना के तहत पोस्ट मैट्रिक छात्रों को, जिनके परिवार की आय 2.5 लाख रुपये सालाना तक है, शैक्षणिक भत्ता और ट्यूशन फीस की मदद मिलती है। योजना के दिशानिर्देशों में सालाना राशि कोर्स के ग्रुप के अनुसार इस तरह है:
| कोर्स ग्रुप | सालाना कुल राशि |
|---|---|
| ग्रुप 1: डिग्री और पीजी प्रोफेशनल कोर्स | 20,000 रुपये (10,000 भत्ता + 10,000 ट्यूशन) |
| ग्रुप 2: अन्य प्रोफेशनल कोर्स, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट | 13,000 रुपये |
| ग्रुप 3: ग्रेजुएट और पीजी कोर्स | 8,000 रुपये |
| ग्रुप 4: कक्षा 10 के बाद के गैर-डिग्री कोर्स | 5,000 रुपये |
कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति ज़रूरी है और एक माता-पिता या अभिभावक के अधिकतम दो लड़कों को ही यह लाभ मिल सकता है। दिशानिर्देशों में पदोन्नति और उपस्थिति के आधार पर नवीनीकरण अपने-आप होने की बात है, पर कई राज्य पोर्टल पर लॉगिन करके पुष्टि माँगते हैं, इसलिए अपने पोर्टल पर देख लें।
अल्पसंख्यक पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का क्या हुआ?
केंद्र की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप फॉर माइनॉरिटीज़ NSP पर बंद दिखती है और उसका आख़िरी चक्र नवंबर 2022 में बंद हुआ था। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने दिसंबर 2025 में लोकसभा को बताया कि प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक और मेरिट-कम-मीन्स योजनाओं को 2021-22 के बाद लागू रखने की मंज़ूरी नहीं मिली थी। पश्चिम बंगाल की ऐक्यश्री जैसी कुछ राज्य योजनाएँ अल्पसंख्यक छात्रों के लिए जारी हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड और आपके अपने नाम का आधार से जुड़ा बैंक खाता
- कक्षा 10 और पिछली परीक्षा की मार्कशीट
- संस्थान से दाख़िले का प्रमाण और फीस की रसीद
- जाति प्रमाणपत्र (SC, ST, OBC/EBC/DNT के लिए)
- सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाणपत्र
- राज्य की माँग के अनुसार निवास प्रमाणपत्र
आवेदन कैसे करें?
- सबसे पहले पता करें कि आपका राज्य अपना स्कॉलरशिप पोर्टल चलाता है या scholarships.gov.in (NSP) का इस्तेमाल करता है।
- रजिस्ट्रेशन करें। NSP पर इसे OTR कहते हैं और इसमें आधार से पहचान होती है।
- अपनी श्रेणी के हिसाब से सही पोस्ट मैट्रिक योजना चुनें और फॉर्म भरें।
- दस्तावेज़ अपलोड करके फॉर्म सबमिट करें।
- अगर संस्थान माँगे तो आवेदन का प्रिंटआउट दें।
- कॉलेज या स्कूल से वेरिफिकेशन करवाएँ और फिर ऑनलाइन स्टेटस देखते रहें।
अंतिम तारीख़ कब है?
हर योजना और हर राज्य की अंतिम तारीख़ अलग होती है, और एक ही योजना की तारीख़ हर साल बदल सकती है। हम यहाँ कोई तारीख़ नहीं बता रहे क्योंकि हमें हर योजना के लिए आधिकारिक तारीख़ की पुष्टि नहीं मिली। कृपया official portal पर जाँचें और आख़िरी दिन का इंतज़ार न करें।
आम गलतियाँ जिनसे बचें
- गलत श्रेणी या गलत योजना में आवेदन करना।
- आय प्रमाणपत्र पुराना होना या गलत अधिकारी से बना होना।
- एक ही कोर्स के लिए दो स्कॉलरशिप लेने की कोशिश करना, जबकि आपको एक ही चुननी होती है।
- बैंक खाता अपने नाम पर न होना या आधार से लिंक न होना।
- संस्थान से वेरिफिकेशन न करवाना, जिससे फॉर्म बीच में अटक जाता है।
निष्कर्ष
सीधी बात यह है कि अपनी श्रेणी की योजना पहचानें, आय सीमा जाँचें, सही पोर्टल पर आवेदन करें और संस्थान से वेरिफिकेशन के पीछे लगे रहें। नियम और राशि बदलते रहते हैं, इसलिए फॉर्म भरने से पहले official portal पर जाँचें। सोशल मीडिया पर पैसे लेकर स्कॉलरशिप दिलाने वाले संदेशों से सावधान रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप क्या होती है?
यह कक्षा 10 के बाद, यानी कक्षा 11 से आगे की पढ़ाई के लिए मिलने वाली सरकारी आर्थिक मदद है। इसमें आमतौर पर भत्ता और अनिवार्य फीस की प्रतिपूर्ति मिलती है।
SC छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप की आय सीमा कितनी है?
फिलहाल माता-पिता की सालाना आय 2.5 लाख रुपये तक। इसे 4.5 लाख करने का प्रस्ताव है, इसलिए social justice मंत्रालय की साइट पर जाँचें कि इस साल क्या लागू है।
क्या अल्पसंख्यकों के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप मिलती है?
केंद्र की योजना NSP पर 2022 से बंद दिखती है। पश्चिम बंगाल की ऐक्यश्री जैसी राज्य योजनाएँ जारी हैं।
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कहाँ करें?
आपके राज्य जिस पोर्टल का इस्तेमाल करते हैं, वहाँ। यह अक्सर scholarships.gov.in या राज्य की अपनी स्कॉलरशिप साइट होती है।
क्या दो स्कॉलरशिप एक साथ मिल सकती हैं?
आम तौर पर नहीं। ज़्यादातर योजनाओं में एक ही कोर्स के लिए सिर्फ़ एक स्कॉलरशिप मिलती है।
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का पैसा कब आता है?
सत्यापन और मंज़ूरी के बाद पैसा DBT से बैंक खाते में आता है। समय राज्य और योजना पर निर्भर है, इसलिए पोर्टल पर स्टेटस देखते रहें।



