भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची 1947 से अब तक

भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची (Bharat Ke Pradhan Mantri List): 1947 से अब तक

“भारत के पहले प्रधानमंत्री कौन थे?”, “सबसे ज़्यादा समय तक प्रधानमंत्री कौन रहे?”, “सबसे छोटा कार्यकाल किसका था?” — ये सवाल स्कूल की परीक्षा से लेकर SSC, रेलवे, बैंक, राज्य पुलिस और UPSC तक लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जाते हैं। इसलिए भारत के प्रधानमंत्रियों की सूची (bharat ke pradhan mantri list) को क्रम, कार्यकाल और पार्टी के साथ याद रखना बेहद काम का है।

इस लेख में हम 15 अगस्त 1947 से अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों की पूरी सूची आसान तालिका में दे रहे हैं। साथ में कार्यवाहक प्रधानमंत्रियों, रोचक तथ्यों, प्रधानमंत्री के चयन की संवैधानिक प्रक्रिया और परीक्षा के लिए याद रखने के तरीक़ों पर भी बात करेंगे। अंत में 7 अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ) भी हैं।

एक नज़र में: मुख्य तथ्य

बिंदुजानकारी
पहले प्रधानमंत्रीजवाहरलाल नेहरू (15 अगस्त 1947)
पहली महिला प्रधानमंत्रीइंदिरा गांधी (1966)
कुल प्रधानमंत्री (गिनती के अनुसार)14 व्यक्ति (इंदिरा गांधी और वाजपेयी दो-दो बार)
कार्यवाहक प्रधानमंत्रीगुलज़ारीलाल नंदा (दो बार, हर बार 13 दिन)
पद का आधारसंविधान का अनुच्छेद 74 और 75
वर्तमान प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी (14वें प्रधानमंत्री)

ध्यान रहे कि गिनती में कभी-कभी अंतर दिखता है। कुछ स्रोत कार्यकालों की गिनती करते हैं (जैसे इंदिरा गांधी के दो कार्यकाल अलग-अलग गिने जाते हैं), जबकि परीक्षाओं में सामान्यतः “व्यक्तियों” की गिनती मानी जाती है, जिसके अनुसार नरेंद्र मोदी 14वें प्रधानमंत्री हैं। परीक्षा में प्रश्न का शब्दांकन ध्यान से पढ़ें।

भारत के सभी प्रधानमंत्रियों की सूची (1947 से अब तक)

नीचे की तालिका में प्रधानमंत्री का क्रम, नाम, कार्यकाल, पार्टी और एक ख़ास बात दी गई है। तारीख़ें आम तौर पर स्वीकृत सार्वजनिक अभिलेखों के अनुसार हैं।

क्रमप्रधानमंत्रीकार्यकालपार्टीविशेष
1जवाहरलाल नेहरू15 अगस्त 1947 – 27 मई 1964कांग्रेसस्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री; पद पर रहते हुए निधन
2लाल बहादुर शास्त्री9 जून 1964 – 11 जनवरी 1966कांग्रेस“जय जवान, जय किसान” का नारा; ताशकंद में निधन
3इंदिरा गांधी24 जनवरी 1966 – 24 मार्च 1977कांग्रेसभारत की पहली महिला प्रधानमंत्री
4मोरारजी देसाई24 मार्च 1977 – 28 जुलाई 1979जनता पार्टीपहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री
5चरण सिंह28 जुलाई 1979 – 14 जनवरी 1980जनता पार्टी (सेक्युलर)संसद का सामना किए बिना इस्तीफ़ा
3 (पुनः)इंदिरा गांधी14 जनवरी 1980 – 31 अक्टूबर 1984कांग्रेसदूसरा कार्यकाल; पद पर रहते हुए निधन
6राजीव गांधी31 अक्टूबर 1984 – 2 दिसंबर 1989कांग्रेससबसे कम उम्र (40 वर्ष) में पद संभाला
7विश्वनाथ प्रताप सिंह (वी.पी. सिंह)2 दिसंबर 1989 – 10 नवंबर 1990जनता दलविश्वास मत हारने के बाद पद छोड़ा
8चंद्रशेखर10 नवंबर 1990 – 21 जून 1991समाजवादी जनता पार्टी (राष्ट्रीय)अल्पकालिक सरकार
9पी.वी. नरसिम्हा राव21 जून 1991 – 16 मई 1996कांग्रेस1991 के आर्थिक सुधारों का दौर; पूरे पाँच साल का कार्यकाल
10अटल बिहारी वाजपेयी16 मई – 1 जून 1996भाजपा13 दिन की सरकार, विश्वास मत से पहले इस्तीफ़ा
11एच.डी. देवेगौड़ा1 जून 1996 – 21 अप्रैल 1997जनता दलसंयुक्त मोर्चा सरकार
12इंद्र कुमार गुजराल21 अप्रैल 1997 – 19 मार्च 1998जनता दलसंयुक्त मोर्चा सरकार
10 (पुनः)अटल बिहारी वाजपेयी19 मार्च 1998 – 22 मई 2004भाजपापूरे कार्यकाल वाली पहली गैर-कांग्रेसी गठबंधन सरकार
13डॉ. मनमोहन सिंह22 मई 2004 – 26 मई 2014कांग्रेसदो पूर्ण कार्यकाल (यूपीए)
14नरेंद्र मोदी26 मई 2014 – वर्तमानभाजपा9 जून 2024 को तीसरी बार शपथ

कार्यवाहक प्रधानमंत्री: गुलज़ारीलाल नंदा

दो मौक़े ऐसे आए जब प्रधानमंत्री के निधन के बाद नया नेता चुने जाने तक देश की बागडोर अस्थायी तौर पर संभालनी पड़ी। पहली बार 27 मई 1964 को जवाहरलाल नेहरू के निधन के बाद और दूसरी बार 11 जनवरी 1966 को लाल बहादुर शास्त्री के निधन के बाद गुलज़ारीलाल नंदा कार्यवाहक प्रधानमंत्री बने। दोनों बार उनका कार्यकाल कुछ ही दिनों का रहा (दोनों बार करीब 13-13 दिन)। इसलिए उन्हें आम तौर पर प्रधानमंत्रियों की मुख्य गिनती में शामिल नहीं किया जाता, पर यह तथ्य परीक्षा में पूछा जाता है।

रोचक तथ्य जो परीक्षा में काम आते हैं

  • सबसे लंबा कार्यकाल: जवाहरलाल नेहरू, लगभग 16 वर्ष 9 महीने। दूसरे स्थान पर इंदिरा गांधी हैं, जिनके दोनों कार्यकाल मिलाकर करीब 16 वर्ष बनते हैं।
  • सबसे छोटा कार्यकाल: अटल बिहारी वाजपेयी का पहला कार्यकाल (मई-जून 1996), सिर्फ़ 13 दिन। कार्यवाहक प्रधानमंत्री नंदा के दोनों कार्यकाल भी 13-13 दिन के थे, पर वे निर्वाचित कार्यकाल नहीं थे।
  • पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री: मोरारजी देसाई (1977)।
  • सबसे अधिक उम्र में पद संभालने वाले: मोरारजी देसाई, लगभग 81 वर्ष की उम्र में।
  • सबसे कम उम्र में पद संभालने वाले: राजीव गांधी, 40 वर्ष की उम्र में।
  • संसद का सामना न कर पाने वाले: चरण सिंह, जिन्होंने लोकसभा में विश्वास मत का सामना करने से पहले ही इस्तीफ़ा दे दिया।
  • गठबंधन के दौर के पहले पूर्ण कार्यकाल: 1998-2004 के बीच वाजपेयी की सरकार ने गठबंधन के बावजूद पूरा कार्यकाल पूरा किया।
  • स्वतंत्रता के बाद जन्मे पहले प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी (जन्म 1950), जिन्होंने 2014 में शपथ ली।
  • लगातार तीसरी बार: 2024 में मोदी जवाहरलाल नेहरू के बाद ऐसे पहले नेता बने जिन्होंने लगातार तीन आम चुनावों के बाद प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।

प्रधानमंत्री कैसे चुना जाता है?

भारत में संसदीय शासन प्रणाली है। संविधान का अनुच्छेद 74 कहता है कि राष्ट्रपति की सहायता और सलाह के लिए एक मंत्रिपरिषद होगी, जिसका प्रमुख प्रधानमंत्री होगा। अनुच्छेद 75 के अनुसार प्रधानमंत्री की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और बाक़ी मंत्रियों की नियुक्ति प्रधानमंत्री की सलाह पर होती है।

व्यवहार में, आम चुनाव के बाद जिस दल या गठबंधन के पास लोकसभा में बहुमत का भरोसा होता है, उसके नेता को राष्ट्रपति सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। प्रधानमंत्री का लोकसभा या राज्यसभा, दोनों में से किसी एक सदन का सदस्य होना ज़रूरी है। यदि नियुक्ति के समय वे किसी सदन के सदस्य नहीं हैं, तो उन्हें छह महीने के भीतर सदस्य बनना होता है। लोकसभा का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष है।

प्रधानमंत्री की भूमिका और शक्तियाँ

  • मंत्रिपरिषद का नेतृत्व करना और मंत्रियों के बीच विभागों का वितरण।
  • राष्ट्रपति और मंत्रिपरिषद के बीच कड़ी के रूप में काम करना।
  • सरकार की नीतियाँ तय करना और संसद में उनका बचाव करना।
  • नीति आयोग, राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी समितियों जैसी कई महत्वपूर्ण संस्थाओं का नेतृत्व।
  • लोकसभा का बहुमत खोने पर पूरी मंत्रिपरिषद का सामूहिक रूप से पद छोड़ना, यही सामूहिक उत्तरदायित्व का सिद्धांत है।

प्रधानमंत्रियों की सूची याद रखने के आसान तरीक़े

पहले तीन नाम (नेहरू, शास्त्री, इंदिरा) लगभग सबको याद रहते हैं। उसके बाद की सूची को चार हिस्सों में बाँट लें। पहला, 1977-1980 का जनता प्रयोग: मोरारजी देसाई और चरण सिंह। दूसरा, 1984-1991: राजीव गांधी, वी.पी. सिंह और चंद्रशेखर। तीसरा, 1991-1998 का दौर: नरसिम्हा राव, वाजपेयी (13 दिन), देवेगौड़ा और गुजराल। चौथा, 1998 के बाद: वाजपेयी, मनमोहन सिंह और मोदी। हर हिस्से के साथ एक घटना जोड़ लें, जैसे आपातकाल, बोफोर्स विवाद, आर्थिक उदारीकरण, गठबंधन सरकारें, इससे क्रम दिमाग़ में बैठ जाता है।

आप इन व्यक्तित्वों के बारे में विस्तार से हमारे इन लेखों में भी पढ़ सकते हैं: जवाहरलाल नेहरू की जीवनी, नरेंद्र मोदी की जीवनी और महात्मा गांधी की जीवनी। परीक्षा की तैयारी के लिए 100 GK प्रश्न-उत्तर और फुल फॉर्म की सूची भी देखें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. भारत के पहले प्रधानमंत्री कौन थे?

जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। उन्होंने 15 अगस्त 1947 को पद संभाला और 27 मई 1964 को अपने निधन तक इस पद पर रहे।

2. भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री कौन थीं?

इंदिरा गांधी। वे 24 जनवरी 1966 को प्रधानमंत्री बनीं और बाद में 1980 में दोबारा इस पद पर लौटीं।

3. सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री कौन रहे?

जवाहरलाल नेहरू, लगभग 16 वर्ष 9 महीने। इसके बाद इंदिरा गांधी का स्थान आता है।

4. सबसे कम समय के लिए प्रधानमंत्री कौन रहे?

अटल बिहारी वाजपेयी का पहला कार्यकाल केवल 13 दिन (16 मई से 1 जून 1996) का था। गुलज़ारीलाल नंदा दोनों बार करीब 13 दिन कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे।

5. भारत में अब तक कितने प्रधानमंत्री हुए हैं?

व्यक्तियों की गिनती के हिसाब से 14 प्रधानमंत्री हुए हैं, जिनमें नरेंद्र मोदी 14वें हैं। कार्यकालों की गिनती करने पर संख्या अलग दिख सकती है, क्योंकि इंदिरा गांधी और वाजपेयी दो बार प्रधानमंत्री बने।

6. प्रधानमंत्री की नियुक्ति कौन करता है?

संविधान के अनुच्छेद 75 के अनुसार राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति करते हैं, पर व्यवहार में वही व्यक्ति चुना जाता है जिसे लोकसभा में बहुमत का समर्थन हो।

7. क्या प्रधानमंत्री का राज्यसभा सदस्य होना ज़रूरी है?

प्रधानमंत्री का संसद के किसी एक सदन का सदस्य होना ज़रूरी है। वह लोकसभा या राज्यसभा, दोनों में से किसी का भी सदस्य हो सकता है। मनमोहन सिंह राज्यसभा सदस्य रहते हुए प्रधानमंत्री बने थे।

नोट: यह लेख सामान्य जानकारी और परीक्षा की तैयारी के लिए है। नवीनतम और आधिकारिक जानकारी के लिए भारत सरकार के पोर्टल (pmindia.gov.in) देखें।