अनुसूचित जाति (SC) के छात्र स्कूल, कॉलेज और टॉप संस्थानों के स्तर पर केंद्र सरकार की स्कॉलरशिप ले सकते हैं। मुख्य योजनाएँ हैं: प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप (कक्षा 9 और 10), पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप (कक्षा 11 से आगे) और टॉप क्लास एजुकेशन। पहली दो योजनाओं में माता-पिता की आय सीमा 2.5 लाख रुपये सालाना है। आइए आसान भाषा में देखें कि कौन पात्र है, क्या मिलता है और आवेदन कैसे होता है।
एक नज़र में (Quick facts)
| योजना | स्तर | आय सीमा | लाभ |
|---|---|---|---|
| SC प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप | कक्षा 9 और 10 | 2.5 लाख रुपये | 3,500 रुपये सालाना (डे स्कॉलर), 7,000 रुपये (हॉस्टल में रहने वाले) |
| SC पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप | कक्षा 11 से आगे | 2.5 लाख रुपये (बढ़ाने का प्रस्ताव) | अनिवार्य फीस और शैक्षणिक भत्ता |
| SC के लिए टॉप क्लास एजुकेशन | चुने हुए प्रमुख संस्थान | 8 लाख रुपये (2026-27 के एक संस्थान नोटिस के अनुसार) | योजना के अनुसार फीस और भत्ते |
आख़िरी जाँच: अक्टूबर 2026। राशि और सीमाएँ समय-समय पर बदलती हैं, इसलिए official portal पर जाँचें।
प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप (कक्षा 9 और 10)
- छात्र भारतीय नागरिक हो और उसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश का निवासी हो जो स्कॉलरशिप दे रहा है।
- कक्षा 9 या 10 में सरकारी या UDISE कोड वाले मान्यता प्राप्त निजी स्कूल में नियमित पढ़ाई कर रहा हो।
- माता-पिता या अभिभावक की आय 2.5 लाख रुपये सालाना से अधिक न हो।
- 2022-23 से सालाना भत्ता डे स्कॉलर के लिए 3,500 रुपये और हॉस्टल में रहने वालों के लिए 7,000 रुपये है। दिव्यांग छात्रों को इसके ऊपर 10 प्रतिशत अतिरिक्त मिलता है।
- इन्हीं कक्षाओं के लिए आप कोई दूसरी स्कॉलरशिप नहीं ले सकते।
आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार आय, निवास और जाति की जानकारी आधार के ज़रिए DigiLocker जैसे जुड़े डेटाबेस से सत्यापित की जानी चाहिए, यानी छात्रों को प्रमाणपत्र अपलोड नहीं करने पड़ेंगे। फिर भी कुछ राज्य अब भी कागज़ माँगते हैं, इसलिए अपने राज्य के पोर्टल के निर्देश देखें।
पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप (कक्षा 11 से आगे)
- यह योजना भारत के मान्यता प्राप्त संस्थानों में कक्षा 11 और उससे आगे पढ़ रहे SC छात्रों के लिए है।
- माता-पिता की आय 2.5 लाख रुपये सालाना से कम होनी चाहिए।
- इसमें अनिवार्य, वापस न होने वाली फीस (ट्यूशन समेत) और शैक्षणिक भत्ता शामिल है। हरियाणा सरकार के एक पेज पर कोर्स ग्रुप के हिसाब से मासिक दर 230 से 1,200 रुपये के बीच दिखती है, पर आपके राज्य में दरें अलग हो सकती हैं।
- 2020-21 से केंद्र और राज्य खर्च 60:40 में बाँटते हैं।
रिपोर्टों के अनुसार मंत्रालय आय सीमा को बढ़ाकर 4.5 लाख रुपये करने, फीस प्रतिपूर्ति पर सीमा लगाने और राज्यों की फंडिंग में बदलाव की योजना बना रहा है, और योजना में बदलाव पर कैबिनेट के फ़ैसले की ख़बरें भी आई हैं। हमें अंतिम अधिसूचित नियम नहीं मिले। इसलिए socialjustice.gov.in और अपने राज्य के पोर्टल पर देखें कि इस साल क्या लागू है।
टॉप क्लास एजुकेशन योजना
यह केंद्रीय योजना NSP पर सूचीबद्ध है और चुने हुए टॉप संस्थानों में प्रोफेशनल कोर्स करने वाले SC छात्रों की मदद करती है। इसकी आय सीमा बाकी SC योजनाओं से ज़्यादा है। संस्थानों की सूची, आय सीमा और राशि के लिए आवेदन से पहले scholarships.gov.in पर योजना के दिशानिर्देश ज़रूर पढ़ें।
किन दस्तावेज़ों की ज़रूरत पड़ेगी?
- आपके नाम का आधार से जुड़ा बैंक खाता
- जाति प्रमाणपत्र
- आय प्रमाणपत्र
- ज़रूरत हो तो निवास प्रमाणपत्र
- पिछली कक्षा की मार्कशीट और मौजूदा दाख़िले या फीस का प्रमाण
- अतिरिक्त भत्ते के लिए दिव्यांगता प्रमाणपत्र
आवेदन की प्रक्रिया
- देखें कि आपका राज्य अपना स्कॉलरशिप पोर्टल इस्तेमाल करता है या scholarships.gov.in। दोनों मौजूद हैं।
- जहाँ ज़रूरी हो, आधार से पहचान के साथ रजिस्ट्रेशन करें (NSP पर इसे OTR कहते हैं)।
- सही योजना चुनें: प्री-मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक या टॉप क्लास।
- विवरण भरें, माँगे जाने पर दस्तावेज़ अपलोड करें और सबमिट करें।
- आपका स्कूल या कॉलेज फॉर्म सत्यापित करता है और फिर ज़िला या राज्य अधिकारी उसे मंज़ूर करता है।
- मंज़ूरी के बाद पैसा DBT से सीधे बैंक खाते में आता है।
अंतिम तारीख़
तारीख़ें राज्य और साल के हिसाब से बदलती हैं। हमें हर SC योजना के लिए आधिकारिक अंतिम तारीख़ की पुष्टि नहीं मिली, इसलिए हम कोई तारीख़ नहीं बता रहे। कृपया official portal पर जाँचें और जल्दी आवेदन करें।
आम गलतियाँ
- पुराना या गलत तरीके से लिखा जाति या आय प्रमाणपत्र लगाना।
- कक्षा 11 में प्री-मैट्रिक या कक्षा 10 में पोस्ट मैट्रिक चुन लेना।
- एक ही कोर्स के लिए दो स्कॉलरशिप लेना।
- बैंक खाता अपने नाम पर न होना या आधार से लिंक न होना।
- संस्थान से वेरिफिकेशन के लिए फॉलो-अप न करना।
पैसा न आए तो क्या करें?
कई बार फॉर्म भरने के बाद भी स्कॉलरशिप का पैसा नहीं आता। इसकी सबसे आम वजह यह होती है कि फॉर्म संस्थान के स्तर पर सत्यापित ही नहीं हुआ, या बैंक खाता आधार से जुड़ा नहीं है, या खाते में नाम का मिलान नहीं हो रहा। सबसे पहले पोर्टल पर अपने आवेदन का स्टेटस देखें। अगर वहाँ ‘संस्थान द्वारा लंबित’ लिखा है तो अपने स्कूल या कॉलेज के स्कॉलरशिप नोडल अधिकारी से मिलें। अगर वह पूरा हो चुका है और राज्य स्तर पर अटका है, तो ज़िले के समाज कल्याण कार्यालय से पूछें।
- अपना आवेदन नंबर और आधार की प्रति साथ रखें।
- बैंक पासबुक में खाता नंबर और आधार लिंकिंग की स्थिति जाँच लें।
- पोर्टल पर शिकायत या हेल्पडेस्क का विकल्प हो तो उसका इस्तेमाल करें और रसीद सुरक्षित रखें।
- किसी एजेंट को पैसे देकर स्कॉलरशिप दिलाने के झाँसे में न आएँ, सरकारी आवेदन मुफ़्त है।
किन बातों का ध्यान रखें?
राज्य की SC स्कॉलरशिप और केंद्र की योजना कई बार एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। कुछ राज्यों में आपको केवल राज्य के पोर्टल पर आवेदन करना होता है और केंद्र का हिस्सा वहीं से आता है। इसलिए अलग-अलग पोर्टल पर बिना सोचे दो बार आवेदन न करें। नए सत्र में दाख़िला लेते ही स्कॉलरशिप के बारे में अपने संस्थान से पूछ लेना सबसे अच्छा तरीका है। और हर साल नवीनीकरण या नया आवेदन करना न भूलें, क्योंकि कई योजनाओं में हर साल पोर्टल पर पुष्टि ज़रूरी होती है।
निष्कर्ष
SC स्कॉलरशिप सरकारी योजनाओं में सबसे मददगार मानी जाती हैं। अपनी कक्षा के हिसाब से सही योजना चुनें, प्रमाणपत्र तैयार रखें और सत्र की शुरुआत में ही अपने राज्य का पोर्टल देख लें। राशि, सीमा और तारीख़ के लिए हमेशा official portal पर जाँचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
SC छात्रों के लिए कौन-कौन सी स्कॉलरशिप हैं?
मुख्य रूप से प्री-मैट्रिक (कक्षा 9-10), पोस्ट मैट्रिक (कक्षा 11 से आगे) और टॉप क्लास एजुकेशन, इसके अलावा राज्यों की अपनी योजनाएँ।
SC स्कॉलरशिप की आय सीमा कितनी है?
प्री-मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक में फिलहाल माता-पिता की सालाना आय 2.5 लाख रुपये तक। पोस्ट मैट्रिक में इसे 4.5 लाख करने का प्रस्ताव है।
SC प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप में कितना पैसा मिलता है?
केंद्रीय दिशानिर्देशों के अनुसार डे स्कॉलर को 3,500 रुपये और हॉस्टल वाले को 7,000 रुपये सालाना।
SC छात्र स्कॉलरशिप के लिए आवेदन कहाँ करें?
राज्य के आधार पर नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (scholarships.gov.in) या राज्य के अपने स्कॉलरशिप पोर्टल पर।
क्या बिना जाति प्रमाणपत्र के SC स्कॉलरशिप मिल सकती है?
नहीं। वैध जाति प्रमाणपत्र ज़रूरी है, हालाँकि कुछ राज्य इसे आधार से जुड़े रिकॉर्ड से डिजिटल रूप में सत्यापित कर लेते हैं।
SC स्कॉलरशिप का पैसा कब मिलता है?
वेरिफिकेशन और मंज़ूरी के बाद DBT से बैंक खाते में। समय राज्य पर निर्भर है, इसलिए पोर्टल पर स्टेटस जाँचते रहें।



