पिताजी को पैसे के लिए पत्र लिखते समय सबसे ज़रूरी बात है विनम्रता और साफ़ कारण। पहले उनकी कुशलता पूछें, फिर बताएँ कि कितने रुपये क्यों चाहिए और अंत में वादा करें कि पैसे का सही उपयोग होगा। नीचे तीन नमूने दिए हैं जिन्हें आप अपने हिसाब से बदल सकते हैं।
पत्र में क्या-क्या लिखना चाहिए
पैसे माँगने वाले पत्र में सिर्फ़ रकम लिख देना काफ़ी नहीं होता। पिताजी को भरोसा तभी होता है जब कारण स्पष्ट हो। इसलिए इन बातों का ध्यान रखें।
| बिंदु | क्या लिखें |
|---|---|
| कुशलक्षेम | पिताजी, माताजी और घर के सब लोगों का हाल |
| कारण | फीस, पुस्तकें, परीक्षा शुल्क या अन्य सही ज़रूरत |
| रकम | लगभग कितना खर्च होगा, हो सके तो अलग-अलग मद के साथ |
| समय | कब तक चाहिए |
| आश्वासन | खर्च में सावधानी रखने का वादा |
नमूना 1: फीस और पुस्तकों के लिए
[अपना पता]
[तारीख]
पूज्य पिताजी,
सादर चरण स्पर्श। आशा है आप, माताजी और घर के सभी लोग स्वस्थ और प्रसन्न होंगे। मैं यहाँ ठीक हूँ और पढ़ाई मन लगाकर कर रहा हूँ।
आपको यह बताना था कि इस सत्र की फीस जमा करने की अंतिम तारीख [तारीख] है। इसके अलावा कुछ ज़रूरी पुस्तकें भी लेनी हैं। कुल मिलाकर लगभग [रकम] रुपये की आवश्यकता होगी। मैं जानता हूँ कि घर के खर्च पहले से बहुत हैं, इसलिए संकोच के साथ यह लिख रहा हूँ।
कृपया यह राशि [तारीख] तक भेज दें। मैं वादा करता हूँ कि एक-एक रुपये का सही उपयोग करूँगा और मन लगाकर पढ़कर आपका विश्वास बनाए रखूँगा। माताजी को मेरा प्रणाम कहिएगा।
आपका आज्ञाकारी पुत्र,
[अपना नाम]
नमूना 2: छात्रावास या किराये के खर्च के लिए
आदरणीय पिताजी,
सादर प्रणाम। आपका पिछला पत्र मिला, पढ़कर बहुत अच्छा लगा। यहाँ मेरी दिनचर्या ठीक चल रही है।
पिताजी, इस महीने मेरा हाथ थोड़ा तंग हो गया है। छात्रावास का शुल्क और मेस का बिल मिलाकर [रकम] रुपये बाकी हैं। पिछली बार जो राशि आपने भेजी थी, वह लगभग खर्च हो चुकी है। मैंने अपने खर्चों की एक सूची बनाई है और फालतू खर्च से बचने की पूरी कोशिश कर रहा हूँ।
अगर संभव हो तो कृपया इस सप्ताह के अंत तक राशि भिजवा दें। आपको असुविधा हो तो मुझे बता दीजिए, मैं अपने खर्च और कम करने का प्रयास करूँगा।
आपका पुत्र,
[अपना नाम]
नमूना 3: बेटी की ओर से छोटा पत्र
पूज्य पापा,
सादर नमस्ते। आशा है आप कुशल होंगे। मेरी [परीक्षा/कार्यक्रम का नाम] के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि [तारीख] है और उसका शुल्क [रकम] रुपये है। यह मेरी आगे की पढ़ाई के लिए बहुत ज़रूरी है।
कृपया यह राशि भेज दें। मैं आपको भरोसा दिलाती हूँ कि पूरी मेहनत से तैयारी करूँगी। मम्मी को मेरा प्रणाम।
आपकी प्यारी बेटी,
[अपना नाम]
कुछ ज़रूरी सावधानियाँ
- जितनी ज़रूरत हो, उतना ही माँगें और रकम का हिसाब ईमानदारी से बताएँ।
- कारण सच्चा होना चाहिए, क्योंकि भरोसा सबसे बड़ी पूँजी है।
- पत्र का स्वर माँग जैसा नहीं, निवेदन जैसा रखें।
- पिछले खर्च का ज़िक्र करने से पिताजी को अपने पैसे का हिसाब पता रहता है।
- पैसे मिलने पर धन्यवाद का छोटा संदेश ज़रूर भेजें।
परीक्षा में यह पत्र आने पर अपना असली नाम और पता न लिखें। प्रश्न में दिए गए नाम या क, ख का उपयोग करें।
पत्र लिखने का सही समय और तरीका
पैसे की ज़रूरत पड़ने पर आख़िरी समय तक इंतज़ार न करें। फीस या शुल्क की तारीख से कुछ दिन पहले ही पत्र लिखें, ताकि पिताजी को इंतज़ाम करने का समय मिले। पत्र में शिकायत या दबाव का स्वर बिलकुल न रखें। यह भी लिख सकते हैं कि [अगर अभी संभव न हो तो] आप कुछ दिन रुक सकते हैं या कोई और रास्ता निकाल सकते हैं। इससे पिताजी को समझ आता है कि आप उनकी स्थिति का सम्मान करते हैं। फ़ोन पर बात करने के बजाय पत्र लिखने का फ़ायदा यह है कि आप अपनी बात सोच-समझकर और क्रम से रख पाते हैं। जो विद्यार्थी परीक्षा के लिए यह पत्र सीख रहे हैं, वे नमूना 1 को आधार बनाकर अपनी स्थिति के अनुसार कारण बदल लें। हर नमूने में कुशलक्षेम, कारण, रकम और आश्वासन का क्रम बना रहना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
पिताजी को पत्र में संबोधन क्या लिखें?
‘पूज्य पिताजी’ या ‘आदरणीय पिताजी’ लिखें और बाद में ‘सादर चरण स्पर्श’ जैसा अभिवादन करें।
पैसे माँगने का कारण कितना विस्तार से लिखें?
कारण दो-तीन वाक्यों में साफ़ लिखें और रकम का मोटा हिसाब दें, ताकि पिताजी आसानी से समझ सकें।
यह पत्र औपचारिक है या अनौपचारिक?
यह अनौपचारिक पत्र की श्रेणी में आता है क्योंकि यह परिवार के सदस्य को लिखा जाता है।
पत्र के अंत में क्या लिखें?
‘आपका आज्ञाकारी पुत्र’ या ‘आपकी प्यारी बेटी’ लिखकर नीचे अपना नाम लिखें।



