दिवाली की तारीख और मुहूर्त

दिवाली कब है? लक्ष्मी पूजा मुहूर्त और पाँच दिन की तारीखें

इस साल दिवाली रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी। पाँच दिन के पर्व की शुरुआत शुक्रवार 6 नवंबर को धनतेरस से होगी और 11 नवंबर बुधवार को भाई दूज के साथ समापन होगा। लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त प्रदोष काल में रहता है और शहर के हिसाब से थोड़ा बदलता है, इसलिए नीचे सूची के साथ यह भी बताया है कि अपने शहर का समय कहाँ जाँचें।

दिवाली 2026 के पाँच दिन: तारीख एक नज़र में

पर्ववारतारीख
धनतेरसशुक्रवार6 नवंबर
नरक चतुर्दशी (छोटी दिवाली)रविवार8 नवंबर
दिवाली, लक्ष्मी पूजारविवार8 नवंबर
गोवर्धन पूजामंगलवार10 नवंबर
भाई दूजबुधवार11 नवंबर

अमावस्या तिथि के कारण कुछ पंचांगों में चतुर्दशी और अमावस्या एक ही दिन पड़ रही हैं, इसलिए छोटी दिवाली और बड़ी दिवाली की तारीख एक ही दिखती है। अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में गोवर्धन पूजा और भाई दूज एक दिन पहले, यानी 9 और 10 नवंबर को पड़ सकती हैं।

लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त

लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल में की जाती है, यानी सूर्यास्त के बाद लगभग ढाई घंटे के भीतर। एक पंचांग-साइट के अनुसार दिल्ली में यह समय लगभग शाम 5:48 से 7:14 बजे तक है। कोलकाता, मुंबई, बेंगलुरु जैसे शहरों में यह कुछ मिनट आगे-पीछे होता है। अलग-अलग पंचांगों में दो-चार मिनट का फ़र्क़ मिल सकता है, इसलिए अपने शहर का सटीक समय अपने स्थानीय पंडित, मंदिर या विश्वसनीय पंचांग से ज़रूर मिलाएँ।

पाँच दिन के पर्व का महत्व

धनतेरस पर धन्वंतरि की पूजा और नए बर्तन या सोने-चाँदी की खरीद की परंपरा है। नरक चतुर्दशी को घर की सफ़ाई और दीप जलाने का रिवाज है। दिवाली की रात लक्ष्मी-गणेश की पूजा होती है और घर रोशन किया जाता है। गोवर्धन पूजा अन्नकूट के साथ मनाई जाती है और भाई दूज पर बहनें भाई का तिलक करती हैं।

दिवाली की तैयारी की सूची

  • धनतेरस से पहले घर की सफ़ाई और रंग-रोगन पूरा कर लें।
  • पूजा की थाली, दीये, बाती, तेल या घी पहले से जुटा लें।
  • रंगोली के रंग और तोरण के फूल एक दिन पहले ले आएँ।
  • मिठाई घर पर बनाएँ या भरोसेमंद दुकान से लें।
  • पटाखों में सुरक्षा का ध्यान रखें और अपने शहर के नियम जान लें।

दिवाली पर सुरक्षा के सुझाव

दीयों को पर्दों और कपड़ों से दूर रखें, बच्चों को पटाखे बड़ों की देखरेख में जलाने दें और पास में पानी की बाल्टी रखें। जानवरों और बुज़ुर्गों का भी ख़याल रखें, क्योंकि तेज़ आवाज़ उन्हें परेशान करती है। हो सके तो मिट्टी के दीये और कम धुएँ वाले विकल्प चुनें।

तारीख़ें दो अलग पंचांग-स्रोतों से मिलाई गई हैं। फिर भी अंतिम निर्णय के लिए अपने स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

दिवाली कब है?
दिवाली रविवार, 8 नवंबर को मनाई जाएगी।

धनतेरस कब है?
धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को है।

भाई दूज कब है?
भाई दूज बुधवार, 11 नवंबर को है।

लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त कब होता है?
प्रदोष काल में, यानी सूर्यास्त के बाद। सटीक समय शहर के अनुसार बदलता है, इसलिए स्थानीय पंचांग से मिलाएँ।