लोकोक्तियाँ जीवन के अनुभव से बनी वे पूरी बातें हैं जो कम शब्दों में बड़ी सीख देती हैं। इन्हें कहावतें भी कहते हैं। यहाँ 30 प्रसिद्ध लोकोक्तियाँ अर्थ के साथ दी हैं, जो परीक्षा और रोज़मर्रा की भाषा दोनों में काम आती हैं।
लोकोक्ति क्या होती है
लोकोक्ति अपने आप में पूरा वाक्य होती है और समाज के अनुभव को सार रूप में कहती है। जैसे जैसी करनी वैसी भरनी का अर्थ है कि जो जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल पाता है। लोकोक्ति का रूप प्रायः बदलता नहीं।
30 प्रमुख लोकोक्तियाँ और अर्थ
| क्र. | लोकोक्ति | अर्थ |
|---|---|---|
| 1 | अधजल गगरी छलकत जाय | कम ज्ञान वाला ज़्यादा दिखावा करता है |
| 2 | अंधों में काना राजा | मूर्खों में थोड़ा समझदार भी श्रेष्ठ माना जाता है |
| 3 | आम के आम गुठलियों के दाम | दोहरा लाभ होना |
| 4 | ऊँची दुकान फीका पकवान | बाहरी दिखावा अधिक, वास्तविकता कम |
| 5 | एक अनार सौ बीमार | वस्तु कम, चाहने वाले अधिक |
| 6 | कर भला तो हो भला | अच्छा करने वाले का अच्छा ही होता है |
| 7 | खोदा पहाड़ निकली चुहिया | बहुत मेहनत, पर परिणाम छोटा |
| 8 | जैसी करनी वैसी भरनी | जैसा कर्म वैसा फल |
| 9 | जहाँ चाह वहाँ राह | इच्छा हो तो रास्ता मिल ही जाता है |
| 10 | दूर के ढोल सुहावने | दूर की चीज़ें अच्छी लगती हैं |
| 11 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी कमी का दोष दूसरों पर डालना |
| 12 | बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद | मूर्ख गुण की कदर नहीं जानता |
| 13 | बिन माँगे मोती मिले माँगे मिले न भीख | भाग्य में हो तो बिना माँगे भी मिलता है |
| 14 | चोर की दाढ़ी में तिनका | अपराधी हमेशा डरा रहता है |
| 15 | थोथा चना बाजे घना | कम गुण वाला अधिक शोर करता है |
| 16 | नकल में भी अकल चाहिए | नकल करने में भी समझ चाहिए |
| 17 | पानी में रहकर मगर से बैर | शक्तिशाली से दुश्मनी लेना ठीक नहीं |
| 18 | बूँद-बूँद से घड़ा भरता है | छोटी बचत से बड़ा भंडार बनता है |
| 19 | मन चंगा तो कठौती में गंगा | मन शुद्ध हो तो सब पवित्र है |
| 20 | सबसे भली चुप | चुप रहना सबसे अच्छा है |
| 21 | होनहार बिरवान के होत चिकने पात | होनहार के लक्षण बचपन में दिखते हैं |
| 22 | का बरसा जब कृषि सुखाने | अवसर निकल जाने पर सहायता बेकार है |
| 23 | अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत | समय बीतने पर पछताना व्यर्थ है |
| 24 | एक और एक ग्यारह | एकता में शक्ति है |
| 25 | ओखली में सिर दिया तो मूसलों से क्या डर | कठिन काम में उतरे तो कठिनाई से क्या डरना |
| 26 | जिसकी लाठी उसकी भैंस | शक्तिशाली की ही चलती है |
| 27 | तेते पाँव पसारिए जेती लाँबी सौर | आमदनी के अनुसार खर्च करें |
| 28 | दाल में कुछ काला होना | कुछ गड़बड़ होने का संदेह |
| 29 | दीया तले अँधेरा | पास रहकर भी अनजान रहना |
| 30 | हाथ कंगन को आरसी क्या | स्पष्ट बात के लिए प्रमाण नहीं चाहिए |
लोकोक्ति और मुहावरे में अंतर
लोकोक्ति पूरा वाक्य है और उसका अर्थ स्वतंत्र होता है, जबकि मुहावरा वाक्यांश है जो वाक्य में जुड़कर अर्थ देता है। मुहावरा क्रिया के साथ बदल जाता है, लोकोक्ति नहीं।
परीक्षा के लिए सुझाव
- पहले अर्थ समझें, फिर लोकोक्ति याद करें।
- हर लोकोक्ति के साथ कोई छोटा उदाहरण सोचें।
- वाक्य में प्रयोग माँगा जाए तो कहानी या घटना के रूप में लिखें।
- समान अर्थ वाली लोकोक्तियों को एक साथ रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
लोकोक्ति किसे कहते हैं?
अनुभव से बनी वह पूरी उक्ति जो कम शब्दों में बड़ी सीख देती है, उसे लोकोक्ति या कहावत कहते हैं।
लोकोक्ति और मुहावरे में क्या फ़र्क़ है?
लोकोक्ति पूरा वाक्य होती है, मुहावरा वाक्यांश।
जैसी करनी वैसी भरनी का अर्थ क्या है?
जो जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल पाता है।
लोकोक्तियाँ कैसे याद करें?
अर्थ समझकर किसी घटना से जोड़ें और रोज़ कुछ दोहराएँ।



