माँ दुर्गा का चित्र (Durga Ashtakam)

Durga Ashtakam in Hindi | श्री दुर्गा अष्टकम् (Sanskrit Lyrics)

श्री दुर्गा अष्टकम् (Durga Ashtakam) माँ दुर्गा की स्तुति में रचा गया संस्कृत स्तोत्र है, जिसमें नौ श्लोक हैं। इस पेज पर Durga Ashtakam का पूरा पाठ संस्कृत में दिया गया है, साथ में पाठ की सरल विधि और अक्सर पूछे जाने वाले सवाल भी हैं।

श्री दुर्गा अष्टकम् एक नज़र में

  • स्तोत्र: श्री दुर्गा अष्टकम् (Durga Ashtakam)
  • देवी: माँ दुर्गा
  • भाषा: संस्कृत
  • रचयिता: पाठ के अंत में स्वामी श्रीमदनन्तानन्द सरस्वती का नाम दिया गया है
  • कब पढ़ें: सुबह की पूजा में, नवरात्रि में विशेष रूप से

श्री दुर्गा अष्टकम् (Durga Ashtakam Lyrics in Sanskrit)

॥ दुर्गाष्टकम् ॥

दुर्गे परेशि शुभदेशि परात्परेशि
वन्द्ये महेशदयिते करूणार्णवेशि ।
स्तुत्ये स्वधे सकलतापहरे सुरेशि
कृष्णस्तुते कुरु कृपां ललितेऽखिलेशि ॥ १॥

दिव्ये नुते श्रुतिशतैर्विमले भवेशि
कन्दर्पदाराशतसुन्दरि माधवेशि ।
मेधे गिरीशतनये नियते शिवेशि
कृष्णस्तुते कुरु कृपां ललितेऽखिलेशि ॥ २॥

रासेश्वरि प्रणततापहरे कुलेशि
धर्मप्रिये भयहरे वरदाग्रगेशि ।
वाग्देवते विधिनुते कमलासनेशि
कृष्णस्तुतेकुरु कृपां ललितेऽखिलेशि ॥ ३॥

पूज्ये महावृषभवाहिनि मंगलेशि
पद्मे दिगम्बरि महेश्वरि काननेशि ।
रम्येधरे सकलदेवनुते गयेशि
कृष्णस्तुते कुरु कृपां ललितेऽखिलेशि ॥ ४॥

श्रद्धे सुराऽसुरनुते सकले जलेशि
गंगे गिरीशदयिते गणनायकेशि ।
दक्षे स्मशाननिलये सुरनायकेशि
कृष्णस्तुते कुरु कृपां ललितेऽखिलेशि ॥ ५॥

तारे कृपार्द्रनयने मधुकैटभेशि
विद्येश्वरेश्वरि यमे निखलाक्षरेशि ।
ऊर्जे चतुःस्तनि सनातनि मुक्तकेशि
कृष्णस्तुते कुरु कृपां ललितऽखिलेशि ॥ ६॥

मोक्षेऽस्थिरे त्रिपुरसुन्दरिपाटलेशि
माहेश्वरि त्रिनयने प्रबले मखेशि ।
तृष्णे तरंगिणि बले गतिदे ध्रुवेशि
कृष्णस्तुते कुरु कृपां ललितेऽखिलेशि ॥ ७॥

विश्वम्भरे सकलदे विदिते जयेशि
विन्ध्यस्थिते शशिमुखि क्षणदे दयेशि ।
मातः सरोजनयने रसिके स्मरेशि
कृष्णस्तुते कुरु कृपां ललितेऽखिलेशि ॥ ८॥

दुर्गाष्टकं पठति यः प्रयतः प्रभाते
सर्वार्थदं हरिहरादिनुतां वरेण्यां ।
दुर्गां सुपूज्य महितां विविधोपचारैः
प्राप्नोति वांछितफलं न चिरान्मनुष्यः ॥ ९॥
॥ इति श्री मत्परमहंसपरिव्राजकाचार्य
श्रीमदुत्तरांनायज्योतिष्पीठाधीश्वरजगद्गुरू-शंकराचार्य-स्वामि-
श्रीशान्तानन्द सरस्वती शिष्य-स्वामि श्रीमदनन्तानन्द-सरस्वति
विरचितं श्री दुर्गाष्टकं सम्पूर्णम्॥

दुर्गा अष्टकम् का पाठ कैसे करें

सुबह स्नान के बाद साफ़ आसन पर बैठकर माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएँ। फिर शांत मन से श्लोकों का पाठ करें। नवरात्रि में इसे विशेष रूप से पढ़ा जाता है। उच्चारण में कठिनाई हो तो पहले किसी जानकार से सुनकर सीख लें।

पाठ के लाभ (मान्यता के अनुसार)

स्तोत्र के अंतिम श्लोक में कहा गया है कि विधि से माँ दुर्गा की पूजा करके इसका पाठ करने वाले को मनचाहा फल मिलता है। यह धार्मिक मान्यता है और आस्था पर आधारित है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

दुर्गा अष्टकम् क्या है?

यह माँ दुर्गा की स्तुति में लिखा गया आठ से अधिक श्लोकों वाला संस्कृत स्तोत्र है, जिसमें देवी से कृपा की प्रार्थना की गई है।

दुर्गा अष्टकम् का पाठ कब करें?

आमतौर पर सुबह की पूजा और नवरात्रि में। इसके लिए कोई एक निश्चित समय अनिवार्य नहीं माना जाता।

माँ दुर्गा के और स्तोत्र कहाँ पढ़ें?

आप माँ दुर्गा के 32 नाम और दुर्गा माँ के 108 नाम भी पढ़ सकते हैं।

नोट: लाभ धार्मिक मान्यता पर आधारित हैं।