बृहस्पति देव (Brihaspati Dev Aarti)

Brihaspati Dev Aarti in Hindi | श्री बृहस्पति देव जी की आरती (Lyrics)

श्री बृहस्पति देव जी की आरती (Brihaspati Dev Aarti) गुरुवार के व्रत और पूजा में गाई जाती है। परंपरा में बृहस्पति देव को देवताओं का गुरु माना जाता है। आरती के पूरे बोल नीचे दिए गए हैं।

श्री बृहस्पति देव जी की आरती एक नज़र में

  • आरती: श्री बृहस्पति देव जी की आरती
  • देवता: बृहस्पति देव, जिन्हें देवताओं के गुरु के रूप में पूजा जाता है
  • कब करें: गुरुवार (बृहस्पतिवार) के व्रत और पूजा के समय

श्री बृहस्पति देव जी की आरती के बोल (Brihaspati Dev Aarti Lyrics)

हिन्दू धर्म में बृहस्पति देव को सभी देवताओं का गुरु माना जाता है। गुरुवार के व्रत में बृहस्पति देव की आरती करने का विधान माना जाता है, अतः श्री बृहस्पति देव की आरती निम्न लिखित है।
जय वृहस्पति देवा,
ऊँ जय वृहस्पति देवा ।
छिन छिन भोग लगा‌ऊँ,
कदली फल मेवा ॥

ऊँ जय वृहस्पति देवा,
जय वृहस्पति देवा ॥

तुम पूरण परमात्मा,
तुम अन्तर्यामी ।
जगतपिता जगदीश्वर,
तुम सबके स्वामी ॥

ऊँ जय वृहस्पति देवा,
जय वृहस्पति देवा ॥

चरणामृत निज निर्मल,
सब पातक हर्ता ।
सकल मनोरथ दायक,
कृपा करो भर्ता ॥

ऊँ जय वृहस्पति देवा,
जय वृहस्पति देवा ॥

तन, मन, धन अर्पण कर,
जो जन शरण पड़े ।
प्रभु प्रकट तब होकर,
आकर द्घार खड़े ॥

ऊँ जय वृहस्पति देवा,
जय वृहस्पति देवा ॥

दीनदयाल दयानिधि,
भक्तन हितकारी ।
पाप दोष सब हर्ता,
भव बंधन हारी ॥

ऊँ जय वृहस्पति देवा,
जय वृहस्पति देवा ॥

सकल मनोरथ दायक,
सब संशय हारो ।
विषय विकार मिटा‌ओ,
संतन सुखकारी ॥

ऊँ जय वृहस्पति देवा,
जय वृहस्पति देवा ॥

जो को‌ई आरती तेरी,
प्रेम सहित गावे ।
जेठानन्द आनन्दकर,
सो निश्चय पावे ॥

ऊँ जय वृहस्पति देवा,
जय वृहस्पति देवा ॥

सब बोलो विष्णु भगवान की जय ।
बोलो वृहस्पतिदेव भगवान की जय ॥

आरती कैसे करें

पूजा स्थान पर बृहस्पति देव की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और धूप जलाएँ। फिर थाली में दीपक रखकर घंटी बजाते हुए आरती गाएँ और अंत में प्रसाद बाँटें। विधि अपनी परिवार परंपरा के अनुसार अपनाएँ।

आरती का महत्व (मान्यता के अनुसार)

परंपरा में पूजा का समापन आरती से किया जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा से आरती करने पर बृहस्पति देव की कृपा मिलती है और घर में सुख-शांति रहती है। यह आस्था पर आधारित है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

श्री बृहस्पति देव जी की आरती कब करनी चाहिए?

परंपरा में गुरुवार के दिन व्रत और पूजा के समय।

Brihaspati Dev Aarti के बोल कहाँ पढ़ें?

पूरे बोल इसी पेज पर ऊपर दिए गए हैं।

आरती में क्या-क्या सामग्री चाहिए?

आमतौर पर दीपक, घी या तेल, धूप, फूल और प्रसाद की ज़रूरत होती है। सामग्री अपनी परंपरा के अनुसार बदल सकती है।

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नोट: यहाँ बताए गए लाभ और नियम धार्मिक मान्यता और परंपरा पर आधारित हैं।