श्री विष्णु चालीसा भगवान विष्णु की महिमा और उनके दिव्य कार्यों की स्तुति करने वाला अत्यंत पवित्र पाठ है।
यह पाठ जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने वाला माना जाता है।
भक्त इस चालीसा का पाठ विशेष रूप से एकादशी, गुरुवार और विशेष विष्णु पर्वों पर करते हैं।
नीचे आपको श्री विष्णु चालीसा का पूरा पाठ, अर्थ, महत्व, विधि और PDF डाउनलोड लिंक मिलेगा।
- श्री विष्णु चालीसा पूरा पाठ
- विष्णु चालीसा का अर्थ
- विष्णु चालीसा का महत्व और लाभ
- विष्णु चालीसा पाठ विधि
- Vishnu Chalisa PDF डाउनलोड
🕉️ श्री विष्णु चालीसा (दोहा और चौपाई)
दोहा
विष्णु सुनिए विनय सेवक की चितलाय।
कीरत कुछ वर्णन करूं दीजै ज्ञान बताय॥
चौपाई
नमो विष्णु भगवान खरारी।
कष्ट नशावन अखिल बिहारी॥
प्रबल जगत में शक्ति तुम्हारी।
त्रिभुवन फैल रही उजियारी॥
सुन्दर रूप मनोहर सूरत।
सरल स्वभाव मोहनी मूरत॥
तन पर पीताम्बर अति सोहत।
बैजन्ती माला मन मोहत॥
शंख चक्र कर गदा विराजे।
देखत दैत्य असुर दल भाजे॥
सत्य धर्म मद लोभ न गाजे।
काम क्रोध मद लोभ न छाजे॥
सन्तभक्त सज्जन मनरंजन।
दनुज असुर दुष्टन दल गंजन॥
सुख उपजाय कष्ट सब भंजन।
दोष मिटाय करत जन सज्जन॥
पाप काट भव सिन्धु उतारण।
कष्ट नाशकर भक्त उबारण॥
करत अनेक रूप प्रभु धारण।
केवल आप भक्ति के कारण॥
धरणि धेनु बन तुमहिं पुकारा।
तब तुम रूप राम का धारा॥
भार उतार असुर दल मारा।
रावण आदिक को संहारा॥
आप वाराह रूप बनाया।
हिरण्याक्ष को मार गिराया॥
धर मत्स्य तन सिन्धु बनाया।
चौदह रतनन को निकलाया॥
अमिलख असुरन द्वन्द मचाया।
रूप मोहनी आप दिखाया॥
देवन को अमृत पान कराया।
असुरन को छवि से बहलाया॥
कूर्म रूप धर सिन्धु मझाया।
मन्द्राचल गिरि तुरत उठाया॥
शंकर का तुम फन्द छुड़ाया।
भस्मासुर को रूप दिखाया॥
वेदन को जब असुर डुबाया।
कर प्रबन्ध उन्हें ढुढवाया॥
मोहित बनकर खलहि नचाया।
उसी कर से भस्म कराया॥
असुर जलन्धर अति बलदाई।
शंकर से उन कीन्ह लड़ाई॥
हार पार शिव सकल बनाई।
कीन सती से छल खल जाई॥
सुमिरन कीन तुम्हें शिवरानी।
बतलाई सब विपत कहानी॥
तब तुम बने मुनीश्वर ज्ञानी।
वृन्दा की सब सुरति भुलानी॥
देखत तीन दनुज शैतानी।
वृन्दा आय तुम्हें लपटानी॥
हो स्पर्श धर्म क्षति मानी।
हना असुर उर शिव शैतानी॥
तुमने ध्रुव प्रहलाद उबारे।
हिरणाकुश आदिक खल मारे॥
गणिका और अजामिल तारे।
बहुत भक्त भव सिन्धु उतारे॥
हरहु सकल संताप हमारे।
कृपा करहु हरि सिरजन हारे॥
देखहुं मैं निज दरश तुम्हारे।
दीन बन्धु भक्तन हितकारे॥
चाहता आपका सेवक दर्शन।
करहु दया अपनी मधुसूदन॥
जानूं नहीं योग्य जब पूजन।
होय यज्ञ स्तुति अनुमोदन॥
शीलदया सन्तोष सुलक्षण।
विदित नहीं व्रतबोध विलक्षण॥
करहुं आपका किस विधि पूजन।
कुमति विलोक होत दुख भीषण॥
करहुं प्रणाम कौन विधिसुमिरण।
कौन भांति मैं करहु समर्पण॥
सुर मुनि करत सदा सेवकाई।
हर्षित रहत परम गति पाई॥
दीन दुखिन पर सदा सहाई।
निज जन जान लेव अपनाई॥
पाप दोष संताप नशाओ।
भव बन्धन से मुक्त कराओ॥
सुत सम्पति दे सुख उपजाओ।
निज चरनन का दास बनाओ॥
निगम सदा ये विनय सुनावै।
पढ़ै सुनै सो जन सुख पावै॥
॥ इति श्री विष्णु चालीसा ॥
📝 विष्णु चालीसा का अर्थ
इस चालीसा में भक्त भगवान विष्णु की कृपा, शक्ति और उनके अवतारों का गुणगान करते हैं।
वे विनम्र भाव से प्रार्थना करते हैं कि भगवान उनके जीवन के सभी दुःखों को दूर करें और उन्हें सच्चे धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दें।
प्रत्येक चौपाई में विष्णु के अवतारों – जैसे राम, वराह, मत्स्य, कूर्म आदि – के कार्यों का उल्लेख किया गया है।
इस पाठ के माध्यम से भक्त अपने मन, शरीर और आत्मा को शुद्ध करते हैं।
🌟 विष्णु चालीसा का महत्व और लाभ
- संकटों से मुक्ति: नियमित पाठ करने से जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ दूर होती हैं।
- पापों का नाश: चालीसा के शब्द आत्मिक शुद्धि का साधन हैं।
- मानसिक शांति: ध्यानपूर्वक पाठ करने से मन को स्थिरता मिलती है।
- विष्णु कृपा प्राप्ति: भगवान विष्णु की कृपा से घर में सुख-समृद्धि आती है।
- मोक्ष प्राप्ति: यह पाठ आत्मा को ईश्वर से जोड़ता है और मुक्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।
विशेष रूप से गुरुवार और एकादशी के दिन इस चालीसा का पाठ करने से अनेक गुना अधिक फल प्राप्त होता है।
📿 विष्णु चालीसा पाठ विधि
- प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति के सामने दीपक और धूप जलाएँ।
- मन को शांत करें और ध्यानपूर्वक दोहा से पाठ आरंभ करें।
- हर चौपाई को भावपूर्वक पढ़ें और अंत में ॐ नमो नारायणाय का जाप करें।
- पाठ के बाद प्रसाद अर्पित करें और परिवार के साथ साझा करें।
- यदि संभव हो तो प्रत्येक गुरुवार इस पाठ को नियमपूर्वक करें।
🙏 निष्कर्ष
श्री विष्णु चालीसा का नियमित पाठ न केवल आत्मिक शांति देता है बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी भर देता है।
यह पाठ उन सभी के लिए है जो ईश्वर से जुड़ना चाहते हैं और अपने जीवन को धर्म, प्रेम और भक्ति से पूर्ण करना चाहते हैं।
इस पृष्ठ को अपने मित्रों और परिवार के साथ साझा करें ताकि हर कोई भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त कर सके।
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