रानी सती दादी जी (Rani Sati Dadi Aarti)

Rani Sati Dadi Ji Aarti in Hindi | श्री रानी सती दादी जी की आरती (Lyrics)

आरती: श्री राणी सती दादी जी

श्री रानी सती दादी जी की आरती (Rani Sati Dadi Ji Aarti) दादी जी के भक्त पूजा के समय गाते हैं। राजस्थान के भक्तों में रानी सती दादी की विशेष मान्यता है। आरती के पूरे बोल नीचे दिए गए हैं।

श्री रानी सती दादी जी की आरती एक नज़र में

  • आरती: श्री रानी सती दादी जी की आरती
  • देवता: रानी सती दादी जी
  • कब करें: सुबह-शाम की पूजा में और दादी जी के भक्तों के धार्मिक आयोजनों में

श्री रानी सती दादी जी की आरती के बोल (Rani Sati Dadi Ji Aarti Lyrics)

ॐ जय श्री राणी सती माता
मैया जय राणी सती माता
अपने भक्त जनन की
दूर करन विपत्ती

ॐ जय श्री राणी सती माता
मैया जय राणी सती माता

अवनि अननंतर ज्योति अखंडीत
मंडितचहुँक कुंभा
दुर्जन दलन खडग की
विद्युतसम प्रतिभा

ॐ जय श्री राणी सती माता
मैया जय राणी सती माता

मरकत मणि मंदिर अतिमंजुल
शोभा लखि न पडे
ललित ध्वजा चहुँ ओरे
कंचन कलश धरे

ॐ जय श्री राणी सती माता
मैया जय राणी सती माता

घंटा घनन घडावल बाजे
शंख मृदुग घूरे
किन्नर गायन करते
वेद ध्वनि उचरे

ॐ जय श्री राणी सती माता
मैया जय राणी सती माता

सप्त मात्रिका करे आरती
सुरगण ध्यान धरे
विविध प्रकार के व्यजंन
श्रीफल भेट धरे

ॐ जय श्री राणी सती माता
मैया जय राणी सती माता

संकट विकट विदारनि
नाशनि हो कुमति
सेवक जन ह्रदय पटले
मृदूल करन सुमति

ॐ जय श्री राणी सती माता
मैया जय राणी सती माता

अमल कमल दल लोचनी
मोचनी त्रय तापा
त्रिलोक चंद्र मैया तेरी
शरण गहुँ माता

ॐ जय श्री राणी सती माता
मैया जय राणी सती माता

या मैया जी की आरती
प्रतिदिन जो कोई गाता
सदन सिद्ध नव निध फल
मनवांछित पावे

ॐ जय श्री राणी सती माता
मैया जय राणी सती माता
अपने भक्त जनन की
दूर करन विपत्ती

आरती कैसे करें

पूजा स्थान पर रानी सती दादी जी की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और धूप जलाएँ। फिर थाली में दीपक रखकर घंटी बजाते हुए आरती गाएँ और अंत में प्रसाद बाँटें। विधि अपनी परिवार परंपरा के अनुसार अपनाएँ।

आरती का महत्व (मान्यता के अनुसार)

परंपरा में पूजा का समापन आरती से किया जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा से आरती करने पर रानी सती दादी जी की कृपा मिलती है और घर में सुख-शांति रहती है। यह आस्था पर आधारित है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

श्री रानी सती दादी जी की आरती कब करनी चाहिए?

आमतौर पर सुबह-शाम की पूजा में और भक्तों के धार्मिक आयोजनों में।

Rani Sati Dadi Ji Aarti के बोल कहाँ पढ़ें?

पूरे बोल इसी पेज पर ऊपर दिए गए हैं।

आरती में क्या-क्या सामग्री चाहिए?

आमतौर पर दीपक, घी या तेल, धूप, फूल और प्रसाद की ज़रूरत होती है। सामग्री अपनी परंपरा के अनुसार बदल सकती है।

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नोट: यहाँ बताए गए लाभ और नियम धार्मिक मान्यता और परंपरा पर आधारित हैं।