कुबेर देव (Kuber Aarti)

Kuber Aarti in Hindi | श्री कुबेर आरती (Lyrics)

श्री कुबेर जी की आरती – Shri Kuber Aarti

श्री कुबेर आरती (Kuber Aarti) धन के देवता माने जाने वाले कुबेर देव की स्तुति में गाई जाती है। धनतेरस और दीपावली की पूजा में इसका विशेष स्थान माना जाता है। आरती के पूरे बोल नीचे दिए गए हैं।

श्री कुबेर आरती एक नज़र में

  • आरती: श्री कुबेर आरती
  • देवता: कुबेर देव, जिन्हें धन का देवता माना जाता है
  • कब करें: धनतेरस और दीपावली पर, या कुबेर पूजा के समय

श्री कुबेर आरती के बोल (Kuber Aarti Lyrics)

जय कुबेर स्वामी, प्रभु जय कुबेर स्वामी।
हे समरथ परिपूरन, हे अन्तर्यामी॥
ॐ जय कुबेर स्वामी…

विश्रवा के लाल इदविदा के प्यारे।
कावेरी के नाथ हो, शिवजी के दुलारे॥
ॐ जय कुबेर स्वामी…

मनिग्रवी मीनाक्षी देवी, नलकुबेर के तात।
देवलोक में जागृत, आप ही हो साक्षात॥
ॐ जय कुबेर स्वामी…

रेवा नर्मदा तट शोभा अतिभारी।
करनाली में विराजत, भोले भंडारी॥
ॐ जय कुबेर स्वामी…

वंध्या पूत्र रतन और निर्धन धन पाये।
मनवांछित फल देते, जो मन से ध्याये॥
ॐ जय कुबेर स्वामी…

सकल जगत में तुम ही, सब के सुखदाता।
दास जयंत कर वन्दे जाये बलिहारी ॥
ॐ जय कुबेर स्वामी…

जय कुबेर स्वामी, प्रभु जय कुबेर स्वामी।
हे समरथ परिपूरन, हे अन्तर्यामी॥
ॐ जय कुबेर स्वामी…

आरती कैसे करें

पूजा स्थान पर कुबेर देव की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और धूप जलाएँ। फिर थाली में दीपक रखकर घंटी बजाते हुए आरती गाएँ और अंत में प्रसाद बाँटें। विधि अपनी परिवार परंपरा के अनुसार अपनाएँ।

आरती का महत्व (मान्यता के अनुसार)

परंपरा में कुबेर देव की आरती करके घर में धन-समृद्धि की कामना की जाती है। यह आस्था पर आधारित है, किसी आर्थिक लाभ की गारंटी नहीं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

श्री कुबेर आरती कब करनी चाहिए?

परंपरा में धनतेरस, दीपावली और कुबेर पूजा के समय।

Kuber Aarti के बोल कहाँ पढ़ें?

पूरे बोल इसी पेज पर ऊपर दिए गए हैं।

आरती में क्या-क्या सामग्री चाहिए?

आमतौर पर दीपक, घी या तेल, धूप, फूल और प्रसाद की ज़रूरत होती है। सामग्री अपनी परंपरा के अनुसार बदल सकती है।

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नोट: यहाँ बताए गए लाभ और नियम धार्मिक मान्यता और परंपरा पर आधारित हैं।