माँ दुर्गा के 32 नाम (Durga ke 32 Naam) “श्री दुर्गा बत्तीस नामावली” में आते हैं। मान्यता है कि ये नाम देवी ने स्वयं देवताओं को बताए थे। नीचे 1 से 32 तक सभी नाम क्रम से दिए गए हैं, साथ में स्तोत्र का पाठ और पाठ की सरल विधि भी है।
माँ दुर्गा के 32 नाम एक नज़र में
- कुल नाम: 32 (Durga 32 Names)
- स्तोत्र: श्री दुर्गा बत्तीस नामावली
- कब पढ़ें: सुबह-शाम, नवरात्रि में विशेष रूप से
- संपूर्ण कथा: श्री दुर्गा द्वात्रिंशत नाम माला पेज पर पढ़ें
माँ दुर्गा के 32 नाम (Durga ke 32 Naam List)
1. दुर्गा
2. दुर्गतिशमनी
3. दुर्गाद्विनिवारिणी
4. दुर्ग मच्छेदनी
5. दुर्गसाधिनी
6. दुर्गनाशिनी
7. दुर्गतोद्धारिणी
8. दुर्गनिहन्त्री
9. दुर्गमापहा
10. दुर्गमज्ञानदा
11. दुर्गदैत्यलोकदवानला
12. दुर्गमा
13. दुर्गमालोका
14. दुर्गमात्मस्वरुपिणी
15. दुर्गमार्गप्रदा
16. दुर्गम विद्या
17. दुर्गमाश्रिता
18. दुर्गमज्ञान संस्थाना
19. दुर्गमध्यान भासिनी
20. दुर्गमोहा
21. दुर्गमगा
22. दुर्गमार्थस्वरुपिणी
23. दुर्गमासुर संहंत्रि
24. दुर्गमायुध धारिणी
25. दुर्गमांगी
26. दुर्गमता
27. दुर्गम्या
28. दुर्गमेश्वरी
29. दुर्गभीमा
30. दुर्गभामा
31. दुर्लभा
32. दुर्गोद्धारिणी
श्री दुर्गा बत्तीस नामावली स्तोत्र (पाठ)
देवताओं को दुष्ट राक्षसों से मुक्ति देने के लिए मां का आविर्भाव होता है. जब भगवती दुष्टों का दलन करती हैं तो देवता उनकी स्तुति करते हैं. इनकी आराधना से सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है. ‘श्री दुर्गा बत्तीस नामवली’ मां दुर्गा के ऐसे नाम हैं जो देवताओं के अनुरोध पर उन्होंने खुद बताया था. ये 32 नाम देवी को बेहद पसंद हैं जिसके जाप से वे भक्तों पर शीघ्र प्रसन्न होती हैं. नवरात्र के दौरान नित्य सुबह-शाम इन नामों का जाप अवश्य करनी चाहिए ताकि माता की कृपा आप पर बनी रहे!
दुर्गा दुर्गार्ति शमनी दुर्गापद्विनिवारिणी
दुर्गामच्छेदिनी दुर्गसाधिनी दुर्गनाशिनी
दुर्गम ज्ञानदा दुर्गदैत्यलोकदवानला
दुर्गमा दुर्गमालोका दुर्गमात्मस्वरूपिणी
दुर्गमार्गप्रदा दुर्गमविद्या दुर्गमाश्रिता
दुर्गमज्ञानसंस्थाना दुर्गमध्यानभासिनी
दुर्गमोहा दुर्गमगा दुर्गमार्थस्वरूपिणी
दुर्गमासुरसंहन्त्री दुर्गमायुधधारिणी
दुर्गमाङ्गी दुर्गमाता दुर्गम्या दुर्गमेश्वरी
दुर्गभीमा दुर्गभामा दुर्लभा दुर्गधारिणी
नामावली ममायास्तु दुर्गया मम मानसः
पठेत् सर्व भयान्मुक्तो भविष्यति न संशयः
पठेत् सर्व भयान्मुक्तो भविष्यति न संशयः
पाठ कैसे करें
सुबह स्नान के बाद साफ़ जगह पर माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएँ और श्रद्धा से इन नामों का पाठ करें। परंपरा के अनुसार नवरात्रि में सुबह-शाम इनका जाप किया जाता है। पाठ की संख्या और नियम अपनी परिवार परंपरा या किसी जानकार से पूछकर तय करें।
पाठ के लाभ (मान्यता के अनुसार)
मान्यता है कि इन 32 नामों के पाठ से देवी शीघ्र प्रसन्न होती हैं और भक्त को भय तथा संकट से मुक्ति मिलती है। ये लाभ आस्था पर आधारित हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
माँ दुर्गा के 32 नाम कौन-से हैं?
सभी 32 नाम इस पेज पर ऊपर क्रमवार सूची में दिए गए हैं।
दुर्गा के 32 नाम का पाठ कब करें?
आमतौर पर सुबह-शाम और नवरात्रि में। इसके लिए कोई एक निश्चित समय अनिवार्य नहीं माना जाता।
32 नामों की कथा कहाँ पढ़ें?
पूरी कथा और पाठ-विधि के लिए श्री दुर्गा द्वात्रिंशत नाम माला वाला पेज देखें।
नोट: लाभ धार्मिक मान्यता पर आधारित हैं।