23 अक्टूबर 2026 की समाचार रिपोर्टों (दैनिक जागरण, रूरल वॉइस) के अनुसार PM-KISAN के आधिकारिक X अकाउंट @pmkisanofficial ने बताया है कि 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को जारी की जाएगी। हम वह पोस्ट ख़ुद नहीं खोल पाए, इसलिए pmkisan.gov.in पर पुष्टि कर लें। इससे पहले 13 अक्टूबर तक की रिपोर्टों में तारीख़ घोषित न होने की बात थी। 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी।
एक नज़र में (आख़िरी जाँच: अक्टूबर 2026)
| बात | क्या पता है |
|---|---|
| किस्त की राशि | 2,000 रुपये प्रति किस्त (साल में तीन किस्तों में कुल 6,000 रुपये) |
| 23वीं किस्त | 20 जून 2026 को प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर से जारी की; रिपोर्टों के अनुसार 9.44 करोड़ से अधिक किसानों को 18,880 करोड़ रुपये से ज़्यादा |
| 24वीं किस्त की तारीख़ | 30 अक्टूबर 2026, योजना के आधिकारिक X अकाउंट की 23 अक्टूबर की पोस्ट के हवाले से रिपोर्ट; pmkisan.gov.in पर पुष्टि करें |
| देखने के लिए आधिकारिक स्रोत | pmkisan.gov.in और PIB की घोषणाएँ |
तारीख़ के बारे में हम क्या कह सकते हैं और क्या नहीं
23 अक्टूबर तक समाचार रिपोर्टों में तारीख़ घोषित न होने की बात थी। उसके बाद की रिपोर्टों में 30 अक्टूबर 2026 की तारीख़ बताई गई है, लेकिन हमने PIB की विज्ञप्ति या कार्यक्रम स्थल की जानकारी नहीं देखी, इसलिए pmkisan.gov.in पर पुष्टि होने तक इसे रिपोर्ट की गई तारीख़ ही मानें। पिछली किस्तों की जानकारी आम तौर पर रिलीज़ से कुछ दिन पहले दी गई थी, अक्सर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के साथ। सोशल मीडिया पोस्ट या यूट्यूब वीडियो में बताई गई किसी पक्की तारीख़ पर तब तक भरोसा न करें जब तक वह किसी सरकारी सूचना का हवाला न दे। ‘रजिस्ट्रेशन’ के नाम पर फ़र्ज़ी लिंक भी बहुत घूमते हैं, इसलिए सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल इस्तेमाल करें।
अपना स्टेटस कैसे जाँचें?
- आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in खोलें।
- ‘Farmers Corner’ में जाकर ‘Know Your Status’ चुनें।
- अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा डालें, और माँगे जाने पर OTP भरें।
- अगर रजिस्ट्रेशन नंबर भूल गए हैं तो उसी पेज पर मोबाइल नंबर या आधार से उसे खोजने का विकल्प पोर्टल के अनुसार मिलता है।
- हर किस्त का स्टेटस पढ़ें: भुगतान हुआ, लंबित है या रुका हुआ है, और कारण क्या है।
पोर्टल के मेन्यू बदल सकते हैं, इसलिए स्क्रीन पर दिख रहे निर्देश मानें। लाभार्थी सूची के विकल्प से आप देख सकते हैं कि आपके गाँव की सूची में नाम है या नहीं।
eKYC क्यों ज़रूरी है?
रिपोर्टों के अनुसार पंजीकृत लाभार्थियों के लिए eKYC अनिवार्य है और इसके बिना भुगतान रुक सकता है। साथ ही भूमि रिकॉर्ड का सीडिंग होना और बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना भी ज़रूरी बताया गया है। eKYC के आम तरीके हैं: पोर्टल पर आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP आधारित eKYC, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक eKYC, और आधिकारिक PM-KISAN मोबाइल ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन। सिर्फ़ आधिकारिक पोर्टल या ऐप इस्तेमाल करें और अपना OTP किसी को न बताएँ।
किस्त में देरी के आम कारण
- eKYC पूरा न होना
- बैंक खाता आधार से लिंक न होना या बंद होना
- आधार, बैंक और भूमि रिकॉर्ड में नाम या विवरण का मेल न खाना
- भूमि रिकॉर्ड की दिक़्क़तें; रिपोर्टों में 1 फरवरी 2019 के बाद ज़मीन मिलने जैसे मामलों का ज़िक्र है
- परिवार के एक से ज़्यादा सदस्यों को लाभ मिलना
मदद कहाँ से लें?
अपने स्थानीय कृषि कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर या पोर्टल पर दिए हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें। पोर्टल पर 155261 और 011-24300606 दिखते रहे हैं, पर वेबसाइट पर इनकी पुष्टि कर लें।
कौन पात्र है?
PM-KISAN ज़मीन वाले किसान परिवारों के लिए है। रिपोर्टों में कुछ उच्च आय वाली या संस्थागत भूमिधारक श्रेणियों को बाहर रखे जाने की बात है। पूरी पात्रता सारांशों पर निर्भर रहने के बजाय आधिकारिक पोर्टल पर पढ़ें।
नया रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
अगर आपका पंजीकरण नहीं हुआ है तो आधिकारिक पोर्टल के Farmers Corner से, या कॉमन सर्विस सेंटर अथवा स्थानीय कृषि कार्यालय जाकर आवेदन कर सकते हैं। आधार, ज़मीन के कागज़ और बैंक विवरण तैयार रखें। रजिस्ट्रेशन का मतलब यह नहीं कि किस्त मिलना पक्का है, सत्यापन पूरा होना ज़रूरी है।
धोखाधड़ी से सावधान
ठग तुरंत किस्त दिलाने के वादे वाले संदेश भेजते हैं या OTP माँगते हैं। सरकार कभी आपका OTP या बैंक PIN नहीं माँगती। कोई संदिग्ध लिंक आए तो उसे अनदेखा करें और सीधे pmkisan.gov.in खोलें।
किस्त आने से पहले की तैयारी
किस्त की तारीख़ की रिपोर्ट आ चुकी है, फिर भी आप अपनी तरफ़ से कुछ चीज़ें पहले ही ठीक कर सकते हैं। इससे किस्त रुकने का जोखिम काफ़ी कम हो जाता है।
- अपने बैंक में जाकर या पासबुक देखकर पक्का करें कि खाता चालू है और आधार से जुड़ा है।
- पोर्टल पर अपना स्टेटस देखें और जहाँ eKYC लंबित दिखे उसे तुरंत पूरा कराएँ।
- आधार, बैंक और भूमि रिकॉर्ड में नाम की वर्तनी एक जैसी है या नहीं, यह जाँचें। छोटी-सी गड़बड़ी भी भुगतान रोक सकती है।
- मोबाइल नंबर वही रखें जो आधार से जुड़ा है, ताकि OTP आसानी से आ सके।
- भूमि रिकॉर्ड में कोई बदलाव हुआ हो तो अपने स्थानीय कृषि या राजस्व कार्यालय से पूछ लें।
किस्त आने के बाद पैसा न दिखे तो?
किस्त जारी होने के दिन ही हर खाते में पैसा नहीं पहुँचता। कई बार बैंक तक पहुँचने में कुछ समय लग जाता है। अगर कुछ दिन बाद भी रकम न दिखे तो पोर्टल पर ‘Know Your Status’ से देखें कि भुगतान किस चरण में है। स्टेटस में कारण लिखा हो तो वही सुधारें। कारण समझ न आए तो कृषि कार्यालय, CSC या पोर्टल पर दिए हेल्पलाइन नंबर से मदद लें। ध्यान रहे, कोई भी व्यक्ति पैसे लेकर किस्त जल्दी नहीं दिला सकता।
किस्तों का सामान्य चक्र
योजना में साल की 6,000 रुपये की रकम तीन बराबर किस्तों में बँटती है, यानी हर किस्त 2,000 रुपये की। अनुमान इसी चक्र के आधार पर लगाए जाते हैं, पर सरकार हर बार तारीख़ ख़ुद तय करती है। इसलिए 20 जून 2026 की 23वीं किस्त के बाद की किस्त के लिए जो महीने बताए जा रहे हैं, उन्हें अनुमान ही समझें।
निष्कर्ष
संक्षेप में, रिपोर्टों के अनुसार 24वीं किस्त 30 अक्टूबर 2026 को जारी होनी है (pmkisan.gov.in पर पुष्टि करें)। अपना eKYC पूरा करें, बैंक-आधार लिंकिंग जाँचें और असली तारीख़ के लिए सिर्फ़ pmkisan.gov.in और PIB देखें। official portal पर जाँचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
PM किसान की 24वीं किस्त कब आएगी?
23 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार आधिकारिक X अकाउंट ने 30 अक्टूबर 2026 की तारीख़ बताई है। भरोसा करने से पहले pmkisan.gov.in और PIB पर पुष्टि करें।
PM किसान की 23वीं किस्त कब आई थी?
समाचार रिपोर्टों के अनुसार 20 जून 2026 को।
PM किसान का स्टेटस कैसे चेक करें?
pmkisan.gov.in पर Farmers Corner में ‘Know Your Status’ चुनें और रजिस्ट्रेशन नंबर व कैप्चा डालें।
क्या PM किसान में eKYC ज़रूरी है?
हाँ, रिपोर्टों के अनुसार पंजीकृत लाभार्थियों के लिए eKYC अनिवार्य है।
PM किसान की एक किस्त में कितने रुपये आते हैं?
2,000 रुपये, साल में तीन बार।
PM किसान की किस्त क्यों नहीं आई?
आम कारण हैं eKYC न होना, बैंक खाते का आधार से लिंक न होना, विवरण का मेल न खाना या भूमि रिकॉर्ड की दिक़्क़त। स्टेटस पेज पर कारण देखें।



