माँ महाकाली (Maha Kali Aarti)

Maha Kali Ji Aarti in Hindi | श्री महाकाली जी की आरती (Lyrics)

मां महाकाली की आरती – Maha Kali Ji Ki Aarti

श्री महाकाली जी की आरती (Maha Kali Ji Aarti) माँ काली की पूजा के समय गाई जाती है। परंपरा में माँ काली को देवी दुर्गा का शक्तिशाली रूप माना जाता है। आरती के पूरे बोल नीचे दिए गए हैं।

श्री महाकाली जी की आरती एक नज़र में

  • आरती: श्री महाकाली जी की आरती
  • देवता: माँ महाकाली, देवी दुर्गा का एक रूप
  • कब करें: नवरात्रि और माँ काली की पूजा के समय

श्री महाकाली जी की आरती के बोल (Maha Kali Ji Aarti Lyrics)

अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

तेरे भक्तजनो पर माता, भीड़ पड़ी है भारी, भीड़ पड़ी है भारी
दानव दल पर टूट पड़ो, माँ करके सिंह सवारी, करके सिंह सवारी
तेरे भक्तजनो पर माता, भीड़ पड़ी है भारी, भीड़ पड़ी है भारी
दानव दल पर टूट पड़ो, माँ करके सिंह सवारी, करके सिंह सवारी

सौ-सौ सिहों से भी बलशाली, हे दस भुजाओं वाली
दुखियों के दुखड़े निवारती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

माँ-बेटे का है इस जग मे, बड़ा हीनिर्मल नाता, बड़ा हीनिर्मल नाता
पूत-कपूत सुने है, पर ना माता सुनी कुमाता, माता सुनी कुमाता
माँ-बेटे का है इस जग मे बड़ा ही निर्मल नाता, बड़ा ही निर्मल नाता
पूत-कपूत सुने है, पर ना माता सुनी कुमाता, माता सुनी कुमाता

सब पे करूणा दर्शाने वाली, अमृत बरसाने वाली
दुखियों के दुखडे निवारती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती, ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना, न चांदी न सोना
हम तो मांगें माँ तेरे चरणों में, छोटा सा कोना, इक छोटा सा कोना
नहीं मांगते धन और दौलत, न चांदी न सोना, न चांदी न सोना
हम तो मांगें माँ मन में, इक छोटा सा कोना, इक छोटा सा कोना
सबकी बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली, सतियों के सत को सवांरती

ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती
ओ अम्बे तू है जगदम्बे काली, जय दुर्गे खप्पर वाली
तेरे ही गुण गावें भारती
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती

आरती कैसे करें

पूजा स्थान पर माँ महाकाली की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और धूप जलाएँ। फिर थाली में दीपक रखकर घंटी बजाते हुए आरती गाएँ और अंत में प्रसाद बाँटें। विधि अपनी परिवार परंपरा के अनुसार अपनाएँ।

आरती का महत्व (मान्यता के अनुसार)

परंपरा में पूजा का समापन आरती से किया जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा से आरती करने पर माँ महाकाली की कृपा मिलती है और घर में सुख-शांति रहती है। यह आस्था पर आधारित है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

श्री महाकाली जी की आरती कब करनी चाहिए?

परंपरा में नवरात्रि और माँ काली की पूजा के समय।

Maha Kali Ji Aarti के बोल कहाँ पढ़ें?

पूरे बोल इसी पेज पर ऊपर दिए गए हैं।

आरती में क्या-क्या सामग्री चाहिए?

आमतौर पर दीपक, घी या तेल, धूप, फूल और प्रसाद की ज़रूरत होती है। सामग्री अपनी परंपरा के अनुसार बदल सकती है।

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नोट: यहाँ बताए गए लाभ और नियम धार्मिक मान्यता और परंपरा पर आधारित हैं।