“शीश गंग अर्धंग पार्वती” (Shiv Bhajan Shish Gang Ardhang Parvati) भगवान शिव के कैलाश में विराजमान रूप का वर्णन करने वाला पारंपरिक भजन है। इस पेज पर भजन के पूरे बोल दिए गए हैं।
शिव भजन – शीश गंग अर्धंग पार्वती एक नज़र में
- आरती: शिव भजन – शीश गंग अर्धंग पार्वती
- देवता: भगवान शिव
- कब करें: सोमवार, सावन और महाशिवरात्रि पर
शिव भजन – शीश गंग अर्धंग पार्वती के बोल (Shiv Bhajan Shish Gang Ardhang Parvati Aarti Lyrics)
शीश गंग अर्धंग पार्वती,
सदा विराजत कैलासी।
नंदी भृंगी नृत्य करत हैं,
धरत ध्यान सुर सुखरासी॥
शीतल मन्द सुगन्ध पवन,
बह बैठे हैं शिव अविनाशी।
करत गान-गन्धर्व सप्त स्वर,
राग रागिनी मधुरासी॥
यक्ष-रक्ष-भैरव जहँ डोलत,
बोलत हैं वनके वासी।
कोयल शब्द सुनावत सुन्दर,
भ्रमर करत हैं गुंजा-सी॥
कल्पद्रुम अरु पारिजात तरु,
लाग रहे हैं लक्षासी।
कामधेनु कोटिन जहँ डोलत,
करत दुग्ध की वर्षा-सी॥
सूर्यकान्त सम पर्वत शोभित,
चन्द्रकान्त सम हिमराशी।
नित्य छहों ऋतु रहत सुशोभित,
सेवत सदा प्रकृति दासी॥
ऋषि मुनि देव दनुज नित सेवत,
गान करत श्रुति गुणराशी।
ब्रह्मा, विष्णु निहारत निसिदिन,
कछु शिव हमकूँ फरमासी॥
ऋद्धि-सिद्धि के दाता शंकर,
नित सत् चित् आनन्दराशी।
जिनके सुमिरत ही कट जाती,
कठिन काल यमकी फांसी॥
त्रिशूलधरजी का नाम निरन्तर,
प्रेम सहित जो नर गासी।
दूर होय विपदा उस नर की,
जन्म-जन्म शिवपद पासी॥
कैलासी काशी के वासी,
विनाशी मेरी सुध लीजो।
सेवक जान सदा चरनन को,
अपनो जान कृपा कीजो॥
तुम तो प्रभुजी सदा दयामय,
अवगुण मेरे सब ढकियो।
सब अपराध क्षमाकर शंकर,
किंकर की विनती सुनियो॥
शीश गंग अर्धंग पार्वती,
सदा विराजत कैलासी।
नंदी भृंगी नृत्य करत हैं,
धरत ध्यान सुर सुखरासी॥
आरती कैसे करें
पूजा स्थान पर भगवान शिव की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक और धूप जलाएँ। फिर थाली में दीपक रखकर घंटी बजाते हुए आरती गाएँ और अंत में प्रसाद बाँटें। विधि अपनी परिवार परंपरा के अनुसार अपनाएँ।
आरती का महत्व (मान्यता के अनुसार)
परंपरा में पूजा का समापन आरती से किया जाता है। मान्यता है कि श्रद्धा से आरती करने पर भगवान शिव की कृपा मिलती है और घर में सुख-शांति रहती है। यह आस्था पर आधारित है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
शिव भजन – शीश गंग अर्धंग पार्वती कब करनी चाहिए?
परंपरा में सोमवार, सावन के महीने और महाशिवरात्रि पर, साथ ही सुबह-शाम की पूजा में।
Shiv Bhajan Shish Gang Ardhang Parvati Aarti के बोल कहाँ पढ़ें?
पूरे बोल इसी पेज पर ऊपर दिए गए हैं।
आरती में क्या-क्या सामग्री चाहिए?
आमतौर पर दीपक, घी या तेल, धूप, फूल और प्रसाद की ज़रूरत होती है। सामग्री अपनी परंपरा के अनुसार बदल सकती है।
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नोट: यहाँ बताए गए लाभ और नियम धार्मिक मान्यता और परंपरा पर आधारित हैं।