भारत की प्रसिद्ध झीलें

भारत की प्रसिद्ध झीलें: सबसे बड़ी मीठे और खारे पानी की झील

भारत की सबसे बड़ी खारे/लवणीय पानी की झील ओडिशा की चिल्का झील है (मौसम के हिसाब से लगभग 900 से 1,165 वर्ग किमी), जो वास्तव में एक खारी लैगून है। मीठे पानी की झीलों में जम्मू-कश्मीर की वुलर झील को अक्सर देश की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील कहा जाता है, और मणिपुर की लोकटक पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील मानी जाती है। राजस्थान की सांभर देश की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारे पानी की झील है।

Quick facts

बातजानकारी
सबसे बड़ी खारे पानी की झील / लैगून (आम धारणा)चिल्का, ओडिशा: क्षेत्रफल मौसम के हिसाब से लगभग 900 से 1,165 वर्ग किमी
सबसे बड़ी मीठे पानी की झील (आम दावा)वुलर, जम्मू-कश्मीर: क्षेत्रफल मौसम में लगभग 30 से 189 वर्ग किमी (स्रोतों में फर्क)
पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीललोकटक, मणिपुर
सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारी झीलसांभर, राजस्थान: लगभग 190 से 230 वर्ग किमी
सबसे लंबी झील / सबसे बड़ा वेटलैंड सिस्टमवेम्बनाड, केरल: लगभग 96.5 किमी लंबी; लगभग 2,033 वर्ग किमी का वेटलैंड
आखिरी बार जाँचा गयाअक्टूबर 2026

पहले यह समझें: झील का ‘आकार’ कैसे तय होता है

झीलों का क्षेत्रफल पूरे साल एक सा नहीं रहता। बरसात में पानी बढ़ने से झील फैल जाती है और गर्मियों में सिकुड़ जाती है। इसलिए अलग-अलग किताबों में आँकड़े अलग मिलते हैं। साथ ही यह भी देखना पड़ता है कि सवाल किस श्रेणी की झील के बारे में है: मीठे पानी की, खारे पानी की, प्राकृतिक या इंसान द्वारा बनाई गई (जलाशय)। जैसे गोबिंद सागर और इंदिरा सागर बाँधों से बने जलाशय हैं, प्राकृतिक झीलें नहीं।

प्रमुख झीलें: राज्य और खासियत

झीलराज्य / UTप्रकारखासियत
चिल्काओडिशाखारी लैगून (समुद्र से जुड़ी)एशिया की सबसे बड़ी खारी लैगून में गिनी जाती है; प्रवासी पक्षी और इरावदी डॉल्फिन
वुलरजम्मू-कश्मीर (बांदीपोरा के पास)मीठे पानी की‘भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील’ का दावा; ब्रिटानिका इसे राज्य क्षेत्र की सबसे बड़ी झील कहता है
लोकटकमणिपुरमीठे पानी कीतैरती फुमदी, केइबुल लामजाओ उद्यान और संगाई हिरण
वेम्बनाडकेरलखारी / मिश्रित (बैकवॉटर)सबसे लंबी झील; हाउसबोट और नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़
सांभरराजस्थानखारी (अंतर्देशीय)नमक उत्पादन; प्रवासी पक्षी
पैंगोंग त्सोलद्दाख (भारत-चीन)खारी (समुद्र से जुड़ाव नहीं)लगभग 4,300 मीटर की ऊँचाई; लगभग 134 किमी लंबी; लगभग एक-तिहाई हिस्सा भारत के नियंत्रण में
डलश्रीनगर, जम्मू-कश्मीरमीठे पानी कीलगभग 18 वर्ग किमी खुला पानी; शिकारा और तैरते बगीचे
नैनीतालउत्तराखंडप्राकृतिक, मीठे पानी कीपहाड़ी पर्यटन स्थल; आँख के आकार की झील
गोबिंद सागरहिमाचल प्रदेशजलाशय (मानव-निर्मित)भाखड़ा बाँध से बना; सतलुज नदी पर

चिल्का झील की कहानी

चिल्का ओडिशा के पुरी, खुर्दा और गंजाम ज़िलों में फैली है और संकरी रेत की पट्टी से बंगाल की खाड़ी से अलग होती है। विकिपीडिया इसे पूर्वी तट की सबसे बड़ी खारी (brackish) लैगून कहता है, जबकि ब्रिटानिका इसे ‘भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झीलों में से एक’ बताता है। यह रामसर स्थल भी है। सर्दियों में यहाँ हज़ारों प्रवासी पक्षी आते हैं, और झील पर निर्भर बहुत से मछुआरा परिवारों की रोज़ी इसी से चलती है।

वुलर और डल

वुलर बांदीपोरा के पास है और इसे ‘भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील’ कहने का चलन है। पर ध्यान दें कि विकिपीडिया इसे ‘भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक’ लिखता है, यानी सीधा ‘सबसे बड़ी’ नहीं। इसलिए परीक्षा के उत्तर में अपनी किताब के शब्दों का पालन करें। डल झील श्रीनगर में ज़बरवान पहाड़ियों के नीचे है और इसकी पहचान शिकारा, तैरते बगीचों और हाउसबोट से होती है।

लोकटक: तैरती झील

लोकटक मणिपुर में मोइरांग के पास है। इस पर ‘फुमदी’ नाम की तैरती वनस्पति की परतें हैं, जिनमें सबसे बड़ी लगभग 40 वर्ग किमी की है। इसी पर केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान बसा है, जो संगाई हिरण का आखिरी प्राकृतिक ठिकाना है। इसका क्षेत्रफल स्रोतों में 236 से लेकर 287 वर्ग किमी तक मिलता है, इसलिए हम इसे पक्का आँकड़ा नहीं मानते।

वेम्बनाड, सांभर और पैंगोंग

वेम्बनाड केरल का सबसे बड़ा वेटलैंड सिस्टम है और 2002 में रामसर स्थल घोषित हुआ। इसकी लंबाई लगभग 96.5 किमी बताई जाती है। सांभर झील जयपुर के पास है और भारत की सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारी झील कही जाती है। पैंगोंग त्सो लद्दाख में है और इसका लगभग दो-तिहाई हिस्सा चीन-प्रशासित क्षेत्र में माना जाता है, बाकी भारत के नियंत्रण में। इसकी लंबाई भी स्रोतों में 134 से 155 किमी के बीच दी गई है।

झीलों के संरक्षण की चुनौतियाँ

कई झीलें प्रदूषण, अतिक्रमण और गाद जमने से जूझ रही हैं। चिल्का जैसी लैगून में मछली पकड़ने का दबाव और डल में गंदे पानी की समस्या चर्चा में रहती है। रामसर जैसी मान्यताएँ और स्थानीय समुदायों की भागीदारी इन झीलों को बचाने में मदद करती हैं।

झील घूमने जाएँ तो नाव की सवारी के लिए मान्यता प्राप्त ऑपरेटर चुनें, लाइफ जैकेट पहनें और पक्षी विहार वाले इलाकों में शांति बनाए रखें।

जाँच-परख की बात

चिल्का, वुलर, वेम्बनाड, सांभर, लोकटक, पैंगोंग और डल के आँकड़े विकिपीडिया के अलग-अलग पन्नों से लिए गए और चिल्का, वुलर तथा नैनीताल की जानकारी ब्रिटानिका जैसे स्रोतों से मिलाई गई। ‘सबसे बड़ी’ वाले दावे जहाँ दोनों स्रोतों में सीधे नहीं मिले, हमने उन्हें ‘आम दावा’ या ‘कहा जाता है’ कहकर लिखा है। कृपया परीक्षा में अपनी पाठ्यपुस्तक के शब्द देखें।

निष्कर्ष

सीधे याद रखने लायक बातें: चिल्का (ओडिशा) खारी लैगून, वुलर (जम्मू-कश्मीर) मीठे पानी की, लोकटक (मणिपुर) तैरती फुमदी, सांभर (राजस्थान) अंतर्देशीय खारी झील, और वेम्बनाड (केरल) सबसे लंबी। क्षेत्रफल के आँकड़े मौसम पर निर्भर होने से हमेशा ‘लगभग’ के साथ ही याद रखें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

भारत की सबसे बड़ी खारे पानी की झील कौन सी है?
ओडिशा की चिल्का झील को आम तौर पर सबसे बड़ी खारी (लैगून) झील माना जाता है।

भारत की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील कौन सी है?
जम्मू-कश्मीर की वुलर झील को अक्सर यह दर्जा दिया जाता है, हालाँकि कुछ स्रोत इसे ‘सबसे बड़ी में से एक’ कहते हैं।

सांभर झील कहाँ है?
सांभर झील राजस्थान में जयपुर के पास है और इसे सबसे बड़ी अंतर्देशीय खारी झील कहा जाता है।

लोकटक झील की खासियत क्या है?
मणिपुर की लोकटक पर तैरती फुमदी हैं और इसी पर केइबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान है।

पैंगोंग झील कहाँ है?
पैंगोंग त्सो लद्दाख में है और इसका एक-तिहाई हिस्सा भारत के नियंत्रण में है, बाकी चीन-प्रशासित क्षेत्र में।