प्रशांत किशोर का जीवन परिचय: शिक्षा, चुनावी रणनीति और राजनीतिक सफर

प्रशांत किशोर का जीवन परिचय: शिक्षा, चुनावी रणनीति और राजनीतिक सफर

प्रशांत किशोर भारत के उन चेहरों में हैं, जिन्होंने पहले पर्दे के पीछे रहकर चुनावी रणनीति बनाई और बाद में खुद राजनीति के मैदान में उतरे। इस लेख में उनके जीवन, पढ़ाई, काम और राजनीतिक सफर की जानकारी आसान भाषा में दी गई है।

प्रशांत किशोर: एक नज़र में

  • जन्म: 20 मार्च 1977, कोनार गाँव, रोहतास (बिहार)
  • पहचान: चुनावी रणनीतिकार से राजनेता
  • पार्टी: जन सुराज पार्टी (स्थापना 2 अक्टूबर 2024)
  • पहले का काम: संयुक्त राष्ट्र के सहयोग वाले सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम में करीब आठ साल

शुरुआती जीवन और पढ़ाई

रिपोर्टों के अनुसार उनका जन्म बिहार के रोहतास जिले के कोनार गाँव में हुआ और स्कूली दिनों का एक हिस्सा बक्सर में बीता। उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीबीए किया और बाद में हैदराबाद के ASCI से हेल्थकेयर मैनेजमेंट की पढ़ाई की।

सार्वजनिक स्वास्थ्य में करियर

राजनीति में आने से पहले वे करीब आठ साल तक संयुक्त राष्ट्र के सहयोग वाले सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में काम करते रहे। इसी दौरान उन्होंने अफ्रीका के देश चाड में भी काम किया।

चुनावी रणनीतिकार के रूप में सफर

उन्होंने 2011-12 के आसपास गुजरात में नरेंद्र मोदी के चुनावी अभियान से रणनीति का काम शुरू किया। साल 2013 में उन्होंने सिटिज़न्स फॉर अकाउंटेबल गवर्नेंस (CAG) बनाई, जिसके सदस्य आगे चलकर I-PAC के रूप में सक्रिय हुए। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग दलों के साथ काम किया:

  • 2014: लोकसभा चुनाव में भाजपा के अभियान से जुड़ाव
  • 2015: बिहार में नीतीश कुमार के महागठबंधन की जीत में भूमिका
  • 2017: पंजाब में कांग्रेस के साथ काम, जहाँ पार्टी जीती; उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ काम, जहाँ नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे
  • 2019: आंध्र प्रदेश में वाईएसआर कांग्रेस के साथ काम
  • 2021: तमिलनाडु में डीएमके और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के साथ काम

मई 2021 में उन्होंने कहा कि वे चुनावी रणनीति का काम छोड़ रहे हैं।

जेडीयू से जुड़ाव

सितंबर 2018 में वे जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल हुए और पार्टी के उपाध्यक्ष बनाए गए। यह जुड़ाव कुछ साल ही चला।

जन सुराज अभियान और पार्टी

रणनीति का काम छोड़ने के बाद उन्होंने बिहार में जन सुराज अभियान शुरू किया और राज्य भर में पदयात्रा की। 2 अक्टूबर 2024 को इस अभियान को राजनीतिक दल का रूप दिया गया और जन सुराज पार्टी बनी।

2025 का बिहार विधानसभा चुनाव

अक्टूबर 2025 में पार्टी ने बड़ी संख्या में उम्मीदवार उतारे, लेकिन प्रशांत किशोर ने खुद चुनाव नहीं लड़ा। नतीजों में जन सुराज पार्टी कोई सीट नहीं जीत सकी।

बांकीपुर उपचुनाव

अगस्त 2026 में बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव की मतगणना हुई, जिसमें रिपोर्टों के अनुसार वे भाजपा उम्मीदवार को हराकर जीते और विधायक बने।

सारांश

स्वास्थ्य क्षेत्र से चुनावी रणनीति और फिर सीधी राजनीति तक का उनका सफर कई मोड़ों से गुज़रा है। उनकी राजनीति पर समर्थकों और आलोचकों की राय अलग-अलग है, इसलिए ताज़ा जानकारी के लिए विश्वसनीय समाचार स्रोत देखते रहें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रशांत किशोर कौन हैं? प्रशांत किशोर बिहार के रोहतास जिले के कोनार गाँव से हैं। वे पहले चुनावी रणनीतिकार के रूप में जाने गए और अब जन सुराज पार्टी के नेता हैं।

प्रशांत किशोर का जन्म कब हुआ? उनका जन्म 20 मार्च 1977 को बिहार के रोहतास जिले के कोनार गाँव में हुआ।

जन सुराज पार्टी की शुरुआत कब हुई? जन सुराज पार्टी की औपचारिक शुरुआत 2 अक्टूबर 2024 को हुई।

क्या जन सुराज ने 2025 के बिहार चुनाव में सीट जीती? नहीं। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी कोई सीट नहीं जीत सकी।

प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव जीता? अगस्त 2026 में हुई मतगणना में रिपोर्टों के अनुसार वे बांकीपुर सीट जीतकर विधायक बने।