पहेलियाँ दिमाग की कसरत हैं और बच्चों के साथ बैठकर खेलने का मज़ेदार तरीका भी। यहाँ 12 नई हिंदी पहेलियाँ जवाब के साथ दी हैं। पहले खुद सोचें, फिर जवाब देखें।
12 पहेलियाँ और उनके उत्तर
| क्र. | पहेली | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | सुइयाँ हैं पर सिलाई नहीं करती, चलती रहती है पर कहीं जाती नहीं। | घड़ी |
| 2 | जितना खिलाओ उतनी बढ़ती है, पर पानी पिलाओ तो बुझ जाती है। | आग |
| 3 | चार पैर हैं पर चल नहीं सकती, पर सबका बोझ उठाती है। | मेज |
| 4 | रात को आता हूँ, सुबह होते ही चला जाता हूँ; कभी पूरा, कभी आधा दिखता हूँ। | चाँद |
| 5 | एक डिब्बे में दो रंग, न दरवाज़ा न खिड़की। | अंडा |
| 6 | बारिश में खुलता हूँ, धूप में भी काम आता हूँ, सिर पर साया करता हूँ। | छाता |
| 7 | सबकी सूरत दिखाता हूँ, पर खुद की कोई सूरत नहीं। | आईना |
| 8 | छिलके पर छिलके, काटो तो आँखों में आँसू। | प्याज |
| 9 | एक चाबी से खुलता हूँ, बिना चाबी के बंद रहता हूँ, घर की रखवाली करता हूँ। | ताला |
| 10 | पैर नहीं फिर भी चलता हूँ, मुँह नहीं फिर भी सबको सुनाता हूँ। | रेडियो |
| 11 | जितना ज़्यादा लेते जाओ, उतना बड़ा होता जाता हूँ। | गड्ढा |
| 12 | पानी में रहती है पर मछली नहीं, पेट में मोती रखती है। | सीपी |
पहेलियाँ क्यों फ़ायदेमंद हैं
पहेलियाँ बच्चों की सोचने की क्षमता, भाषा और कल्पना को बढ़ाती हैं। परिवार में साथ बैठकर पहेलियाँ बूझने से बातचीत भी बढ़ती है। छोटे बच्चों को पहले आसान पहेलियाँ दें और संकेत देकर मदद करें।
खुद पहेली कैसे बनाएँ
- कोई चीज़ चुनें, जैसे घड़ी या छाता।
- उसकी तीन-चार खास बातें लिखें।
- उन्हें उलटे ढंग से मज़ेदार वाक्य में जोड़ें।
- नाम सीधे न लिखें।
- किसी बच्चे को सुनाकर देखें कि वह बूझ पाता है या नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
पहेलियाँ बच्चों के लिए क्यों अच्छी हैं?
ये सोचने की क्षमता, भाषा और कल्पना बढ़ाती हैं और मनोरंजन भी देती हैं।
छोटे बच्चों को कैसी पहेलियाँ दें?
आसान, घर की चीज़ों से जुड़ी पहेलियाँ और ज़रूरत पर संकेत।
क्या ये पहेलियाँ स्कूल में उपयोग कर सकते हैं?
हाँ, कक्षा या गतिविधि के लिए शिक्षक इनका उपयोग कर सकते हैं।
पहेली बनाने का आसान तरीका क्या है?
किसी चीज़ की खास बातें उलटे ढंग से जोड़ें, नाम न लिखें।



