जिन शब्दों से किसी काम के करने या होने का बोध हो, उन्हें क्रिया कहते हैं। जैसे: पढ़ना, खेलना, हँसना, जाना। यहाँ क्रिया के मुख्य भेद उदाहरण सहित सरल भाषा में दिए हैं।
क्रिया की परिभाषा
वह शब्द जो कार्य, व्यापार या अवस्था को बताए, क्रिया कहलाता है। मूल रूप को धातु कहते हैं, जैसे पढ़ना की धातु पढ़।
क्रिया के प्रमुख भेद
| भेद | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| सकर्मक क्रिया | जिसमें कर्म हो और क्रिया का फल कर्म पर पड़े | राम फल खाता है। |
| अकर्मक क्रिया | जिसमें कर्म की आवश्यकता नहीं | बच्चा हँसता है। |
| प्रेरणार्थक क्रिया | कर्ता दूसरों को काम के लिए प्रेरित करे | माँ ने बच्चे से खाना खिलवाया। |
| संयुक्त क्रिया | दो या अधिक क्रियाओं से मिलकर बने | वह खा चुका है। |
| सहायक क्रिया | मुख्य क्रिया की सहायता करे | वह जा रहा है। |
सकर्मक और अकर्मक की पहचान
क्रिया से पहले क्या या किसे लगाकर प्रश्न करें। यदि उत्तर मिले, तो क्रिया सकर्मक है। जैसे: राम क्या खाता है? फल। यहाँ खाता है सकर्मक है। बच्चा हँसता है में क्या हँसता है पूछने पर कोई उत्तर नहीं मिलता, इसलिए यह अकर्मक है।
क्रिया और काल का संबंध
क्रिया के रूप से काल का पता चलता है। खाया भूतकाल की, खा रहा है वर्तमान की और खाएगा भविष्य की क्रिया है।
अभ्यास
इन वाक्यों में क्रिया छाँटिए: चिड़िया उड़ती है। माँ खाना बना रही है। उत्तर: उड़ती है, बना रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्रिया किसे कहते हैं?
जिन शब्दों से कार्य के करने या होने का बोध हो, उन्हें क्रिया कहते हैं।
सकर्मक और अकर्मक क्रिया में क्या अंतर है?
सकर्मक में कर्म होता है, अकर्मक में कर्म की आवश्यकता नहीं होती।
क्रिया का मूल रूप क्या कहलाता है?
धातु।
बच्चा हँसता है में कौन सी क्रिया है?
अकर्मक क्रिया।



