Chhath Puja 2026 छठ पूजा सूर्य अर्घ्य

Chhath Puja 2026 | छठ पूजा 2026 कब है? नहाय खाय, खरना, अर्घ्य का समय, विधि और सामग्री

Chhath Puja 2026 | छठ पूजा 2026: इस साल छठ महापर्व 13 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक मनाया जाएगा। मुख्य दिन, यानी संध्या अर्घ्य, रविवार, 15 नवंबर 2026 को है। छठ सूर्य देव और छठी मैया की उपासना का चार दिन का पर्व है, जो खासकर बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बड़ी आस्था से मनाया जाता है। यहाँ नहाय खाय से उषा अर्घ्य तक पूरा कैलेंडर, अर्घ्य का समय, पूजा विधि और सामग्री दी गई है।

छठ पूजा 2026 का 4 दिन का कैलेंडर | Chhath Puja Calendar

दिनतारीखअनुष्ठान
पहला दिनशुक्रवार, 13 नवंबर 2026नहाय खाय
दूसरा दिनशनिवार, 14 नवंबर 2026खरना (लोहंडा)
तीसरा दिनरविवार, 15 नवंबर 2026संध्या अर्घ्य (अस्त होते सूर्य को)
चौथा दिनसोमवार, 16 नवंबर 2026उषा अर्घ्य (उगते सूर्य को) और पारण

अर्घ्य का समय 2026 | Arghya Timing

शहरसूर्यास्त (15 नवंबर)सूर्योदय (16 नवंबर)
पटनाशाम लगभग 5:01 बजेसुबह लगभग 6:07 बजे
कोलकाताशाम लगभग 4:53 बजेसुबह लगभग 5:50 बजे
नई दिल्लीशाम लगभग 5:28 बजेसुबह लगभग 6:44 बजे
मुंबईशाम लगभग 6:00 बजेसुबह लगभग 6:46 बजे

अर्घ्य का समय सूर्यास्त और सूर्योदय पर निर्भर करता है, जो हर शहर में कुछ मिनट अलग होता है। अपने शहर का सटीक समय स्थानीय पंचांग से जाँच लें।

छठ पूजा क्या है और क्यों मनाई जाती है?

छठ कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाता है, इसलिए इसे सूर्य षष्ठी भी कहते हैं। इसमें प्रत्यक्ष देवता माने जाने वाले सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है। मान्यता है कि यह व्रत संतान की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए किया जाता है। परंपरा में इसे कठिन व्रतों में गिना जाता है, क्योंकि व्रती लगभग 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखते हैं। छठ में मंदिर के बजाय नदी, तालाब या घाट पर सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।

चार दिनों की विधि | Chhath Puja Vidhi

पहला दिन: नहाय खाय

व्रती नदी या शुद्ध जल में स्नान करके घर की पूरी सफ़ाई करते हैं और सात्विक भोजन बनाते हैं। परंपरा में इस दिन लौकी (कद्दू) की सब्ज़ी, चने की दाल और चावल बनता है, और पहले व्रती भोजन करते हैं।

दूसरा दिन: खरना

इस दिन व्रती दिन भर निर्जला उपवास रखते हैं। शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद बनता है और पूजा के बाद उसे ग्रहण किया जाता है, फिर परिवार में बाँटा जाता है। इसके बाद अगले 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है।

तीसरा दिन: संध्या अर्घ्य

शाम को परिवार के साथ घाट पर जाकर बाँस के सूप या दौरा में फल, ठेकुआ और अन्य प्रसाद सजाकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। घाट पर दीप जलाए जाते हैं और छठ के गीत गाए जाते हैं।

चौथा दिन: उषा अर्घ्य और पारण

सुबह सूर्योदय से पहले घाट पहुँचकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। इसके बाद प्रसाद बाँटकर व्रती पारण करते हैं और व्रत पूरा होता है।

छठ पूजा की सामग्री | Chhath Puja Samagri

  • बाँस का सूप और दौरा (टोकरी), साफ़ कपड़ा
  • ठेकुआ, चावल के लड्डू (कसार) और अन्य प्रसाद
  • गन्ना, नारियल, केला, सेब, सिंघाड़ा, नींबू (डाभ नींबू) और मौसमी फल
  • मिट्टी के दीपक, घी, रोली, चंदन, अक्षत और सिंदूर
  • लोटा या ताँबे का पात्र, दूध और जल अर्घ्य के लिए
  • अगरबत्ती, धूप और पूजा के फूल

छठ के नियम और सावधानियाँ

  • व्रत के दौरान शुद्धता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाता है।
  • प्रसाद बनाने के लिए अलग साफ़ चूल्हा या बर्तन इस्तेमाल करने की परंपरा है।
  • घाट पर बच्चों और बुज़ुर्गों का ध्यान रखें, पानी गहरा हो तो सावधानी बरतें और भीड़ में धैर्य रखें।
  • स्वास्थ्य की समस्या हो तो निर्जला व्रत से पहले डॉक्टर की सलाह लें।

छठ पूजा की शुभकामनाएँ | Chhath Puja Wishes in Hindi

  1. छठ महापर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ! छठी मैया आपके परिवार पर कृपा बनाए रखें।
  2. सूर्य देव की रोशनी आपके जीवन को खुशियों से भर दे। जय छठी मैया!
  3. आपके घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास हो। शुभ छठ पूजा!
  4. छठ का प्रसाद आपके जीवन में मिठास घोले।
  5. आस्था, श्रद्धा और पवित्रता के इस पर्व पर आपको ढेरों शुभकामनाएँ।
  6. छठी मैया आपकी हर मनोकामना पूरी करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल | Chhath FAQ

छठ पूजा 2026 कब है? 13 से 16 नवंबर 2026, मुख्य संध्या अर्घ्य रविवार 15 नवंबर को।

नहाय खाय कब है? शुक्रवार, 13 नवंबर 2026।

खरना कब है? शनिवार, 14 नवंबर 2026।

उषा अर्घ्य कब है? सोमवार, 16 नवंबर 2026, सूर्योदय के समय।

छठ पूजा कितने दिन की होती है? चार दिन की।

छठ का पर्व दिवाली के कितने दिन बाद आता है? दिवाली (8 नवंबर) के लगभग छह दिन बाद। पूरा कैलेंडर देखें: दिवाली 2026 गाइड।

नोट: तारीखें और समय विभिन्न पंचांग स्रोतों पर आधारित हैं और शहर के अनुसार बदल सकते हैं। धार्मिक बातें मान्यता और परंपरा पर आधारित हैं।

In English: Chhath Puja 2026 guide in English