चरित्र प्रमाण पत्र पाने के लिए अपने स्कूल, कॉलेज या संस्था के प्रधानाचार्य को एक छोटा और औपचारिक प्रार्थना पत्र लिखें, जिसमें अपनी पहचान, पढ़ाई की अवधि और प्रमाण पत्र की ज़रूरत का कारण साफ़ बताया गया हो। नीचे स्कूल, कॉलेज और नौकरी के लिए तीन तैयार नमूने हैं।
चरित्र प्रमाण पत्र क्या होता है
चरित्र प्रमाण पत्र एक ऐसा दस्तावेज़ है जिसमें संस्था यह लिखकर देती है कि संबंधित व्यक्ति का आचरण उसके पढ़ने या काम करने के दौरान कैसा रहा। इसकी ज़रूरत प्रायः नए कॉलेज में प्रवेश, छात्रवृत्ति, नौकरी या किसी प्रतियोगिता के आवेदन में पड़ती है। यह प्रमाण पत्र वही व्यक्ति दे सकता है जो आपको जानता हो और आपके आचरण के बारे में लिख सके, जैसे प्रधानाचार्य या विभाग प्रमुख।
किस संस्था में यह किस रूप में और कितने दिन में मिलेगा, इसका नियम सबका अलग होता है। इसलिए आवेदन से पहले कार्यालय से पूछ लें कि कोई तय प्रारूप है या सादे कागज़ पर पत्र चलेगा।
नमूना 1: स्कूल से चरित्र प्रमाण पत्र के लिए
सेवा में,
प्रधानाचार्य महोदय,
[स्कूल का नाम],
[शहर]।
विषय: चरित्र प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु प्रार्थना पत्र।
आदरणीय महोदय,
सविनय निवेदन है कि मैं आपके विद्यालय का पूर्व/वर्तमान विद्यार्थी/विद्यार्थिनी हूँ। मैंने वर्ष [वर्ष] से [वर्ष] तक कक्षा [कक्षा] तक यहाँ अध्ययन किया है। मुझे [कारण, जैसे अगली कक्षा में प्रवेश] के लिए चरित्र प्रमाण पत्र की आवश्यकता है।
अतः आपसे प्रार्थना है कि कृपया मुझे चरित्र प्रमाण पत्र जारी करने की कृपा करें। इसके लिए मैं आपका आभारी रहूँगा/रहूँगी।
आपका आज्ञाकारी शिष्य/शिष्या,
[नाम]
पिता का नाम: [पिता का नाम]
कक्षा: [कक्षा], प्रवेश संख्या: [संख्या]
दिनांक: [तारीख]
नमूना 2: कॉलेज के लिए
सेवा में,
प्राचार्य महोदय,
[कॉलेज का नाम],
[शहर]।
विषय: चरित्र प्रमाण पत्र हेतु निवेदन।
माननीय महोदय,
मैं आपके महाविद्यालय में [पाठ्यक्रम का नाम] के [वर्ष] वर्ष का छात्र/छात्रा हूँ, जिसका रोल नंबर [संख्या] है। मैं [आगे की पढ़ाई/छात्रवृत्ति/नौकरी] के लिए आवेदन कर रहा/रही हूँ, जिसमें चरित्र प्रमाण पत्र माँगा गया है।
कृपया मुझे यह प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का कष्ट करें। मैं आवश्यक शुल्क या औपचारिकता, यदि कोई हो, पूरी करने को तत्पर हूँ।
धन्यवाद,
भवदीय,
[नाम]
पाठ्यक्रम: [पाठ्यक्रम], रोल नंबर: [संख्या]
संपर्क: [मोबाइल नंबर]
दिनांक: [तारीख]
नमूना 3: नौकरी या संस्था के लिए
सेवा में,
श्री/श्रीमती [अधिकारी का नाम],
[पद], [संस्था का नाम]।
विषय: चरित्र प्रमाण पत्र प्राप्त करने हेतु प्रार्थना।
महोदय/महोदया,
मैंने आपकी संस्था में [अवधि] तक [पद/कार्य] के रूप में कार्य किया है। अब मुझे एक नई नौकरी के आवेदन के लिए चरित्र प्रमाण पत्र चाहिए। कृपया मेरे कार्यकाल के आधार पर यह प्रमाण पत्र जारी करने की कृपा करें।
सादर,
[नाम]
कर्मचारी संख्या: [संख्या]
दिनांक: [तारीख]
कौन किसे लिखे: एक नज़र में
| स्थिति | पत्र किसे लिखें | पत्र में ज़रूर लिखें |
|---|---|---|
| स्कूल से | प्रधानाचार्य | कक्षा, प्रवेश संख्या, पढ़ाई की अवधि |
| कॉलेज से | प्राचार्य या विभाग प्रमुख | पाठ्यक्रम, रोल नंबर, ज़रूरत का कारण |
| नौकरी वाली संस्था से | एचआर या संबंधित अधिकारी | पद, कार्य की अवधि, कर्मचारी संख्या |
आवेदन करते समय ध्यान रखें
सबसे पहले, पत्र में केवल सच्ची और ज़रूरी जानकारी लिखें। प्रमाण पत्र आपके रिकॉर्ड के आधार पर ही बनता है, इसलिए प्रशंसा के लंबे वाक्य माँगने की आवश्यकता नहीं है। दूसरा, कारण साफ़ लिखें, क्योंकि कई बार संस्था प्रमाण पत्र में उद्देश्य का उल्लेख भी करती है। तीसरा, यदि आपको कोई तय प्रारूप में प्रमाण पत्र चाहिए, जैसे किसी फ़ॉर्म के साथ दिया गया प्रपत्र, तो उसे पत्र के साथ जमा करें।
चौथा, समय रहते आवेदन करें, क्योंकि हस्ताक्षर और मुहर में कुछ दिन लग सकते हैं। पाँचवाँ, प्रमाण पत्र मिलते ही उसमें लिखा नाम, पिता का नाम, कक्षा और तारीख जाँच लें। अगर कहीं गलती हो तो वहीं सुधरवा लें और अपने पास एक स्कैन या फ़ोटोकॉपी सुरक्षित रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
चरित्र प्रमाण पत्र कौन जारी करता है?
आम तौर पर स्कूल या कॉलेज के प्रधानाचार्य या प्राचार्य, और नौकरी के मामले में संबंधित संस्था के अधिकारी यह प्रमाण पत्र जारी करते हैं।
क्या चरित्र प्रमाण पत्र का कोई तय प्रारूप होता है?
संस्थाओं के अपने प्रारूप हो सकते हैं। कार्यालय से पूछ लें कि सादा पत्र चलेगा या उनका फ़ॉर्म भरना होगा।
चरित्र प्रमाण पत्र की ज़रूरत कब पड़ती है?
नए कॉलेज में प्रवेश, छात्रवृत्ति, नौकरी या किसी आवेदन में जब आचरण का प्रमाण माँगा जाए, तब इसकी ज़रूरत होती है।
आवेदन में कारण लिखना ज़रूरी है?
हाँ, कारण लिखना अच्छा रहता है, क्योंकि कई संस्थाएँ उद्देश्य जानकर ही प्रमाण पत्र बनाती हैं।



