माँ सीता (Sita Ashtottara Shatnam)

Sita Ashtottara Shatnam Namavali in Hindi | सीता अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (माँ सीता के 108 नाम) (Lyrics)

सीता अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (Sita Ashtottara Shatnam Namavali) माँ सीता के 108 नामों की सूची है, जिसका पाठ भक्त श्रद्धा से करते हैं। इस पेज पर नामावली का पूरा पाठ, पाठ की विधि और FAQ दिए गए हैं।

सीता अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (माँ सीता के 108 नाम) एक नज़र में

  • पाठ: सीता अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (माँ सीता के 108 नाम)
  • देवता: माँ सीता
  • कब पढ़ें: सुबह की पूजा में, रामनवमी और जानकी नवमी पर

सीता अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (माँ सीता के 108 नाम) का पाठ (Sita Ashtottara Shatnam Namavali Lyrics)

॥ श्रीसीताष्टोत्तरशतनामावली ॥

ॐ सीतायै नमः
ॐ जानक्यै नमः
ॐ देव्यै नमः
ॐ वैदेह्यै नमः
ॐ राघवप्रियायै नमः
ॐ रमायै नमः
ॐ अवनिसुतायै नमः
ॐ रामायै नमः
ॐ राक्षसान्तप्रकारिण्यै नमः
ॐ रत्नगुप्तायै नमः [10]

ॐ मातुलिङ्ग्यै नमः
ॐ मैथिल्यै नमः
ॐ भक्ततोषदायै नमः
ॐ पद्माक्षजायै नमः
ॐ कञ्जनेत्रायै नमः
ॐ स्मितास्यायै नमः
ॐ नूपुरस्वनायै नमः
ॐ वैकुण्ठनिलयायै नमः
ॐ मायै नमः
ॐ श्रियै नमः [20]

ॐ मुक्तिदायै नमः
ॐ कामपूरण्यै नमः
ॐ नृपात्मजायै नमः
ॐ हेमवर्णायै नमः
ॐ मृदुलाङ्ग्यै नमः
ॐ सुभाषिण्यै नमः
ॐ कुशाम्बिकायै नमः
ॐ दिव्यदायै नमः
ॐ लवमात्रे नमः
ॐ मनोहरायै नमः [30]

ॐ हनुमद् वन्दितपदायै नमः
ॐ मुक्तायै नमः
ॐ केयूरधारिण्यै नमः
ॐ अशोकवनमध्यस्थायै नमः
ॐ रावणादिकमोहिण्यै नमः
ॐ विमानसंस्थितायै नमः
ॐ सुभृवे नमः
ॐ सुकेश्यै नमः
ॐ रशनान्वितायै नमः
ॐ रजोरूपायै नमः [40]

ॐ सत्वरूपायै नमः
ॐ तामस्यै नमः
ॐ वह्निवासिन्यै नमः
ॐ हेममृगासक्त चित्तयै नमः
ॐ वाल्मीकाश्रम वासिन्यै नमः
ॐ पतिव्रतायै नमः
ॐ महामायायै नमः
ॐ पीतकौशेय वासिन्यै नमः
ॐ मृगनेत्रायै नमः
ॐ बिम्बोष्ठ्यै नमः [50]

ॐ धनुर्विद्या विशारदायै नमः
ॐ सौम्यरूपायै नमः
ॐ दशरथस्तनुषाय नमः
ॐ चामरवीजितायै नमः
ॐ सुमेधा दुहित्रे नमः
ॐ दिव्यरूपायै नमः
ॐ त्रैलोक्य पालिन्यै नमः
ॐ अन्नपूर्णायै नमः
ॐ महाल्क्ष्म्यै नमः
ॐ धिये नमः [60]

ॐ लज्जायै नमः
ॐ सरस्वत्यै नमः
ॐ शान्त्यै नमः
ॐ पुष्ट्यै नमः
ॐ शमायै नमः
ॐ गौर्यै नमः
ॐ प्रभायै नमः
ॐ अयोध्यानिवासिन्यै नमः
ॐ वसन्तशीतलायै नमः
ॐ गौर्यै नमः [70]

ॐ स्नान सन्तुष्ट मानसायै नमः
ॐ रमानाम भद्रसंस्थायै नमः
ॐ हेमकुम्भपयोधरायै नमः
ॐ सुरार्चितायै नमः
ॐ धृत्यै नमः
ॐ कान्त्यै नमः
ॐ स्मृत्यै नमः
ॐ मेधायै नमः
ॐ विभावर्यै नमः
ॐ लघूधरायै नमः [80]

ॐ वारारोहायै नमः
ॐ हेमकङ्कणमण्दितायै नमः
ॐ द्विजपत्न्यर्पितनिजभूषायै नमः
ॐ रघवतोषिण्यै नमः
ॐ श्रीरामसेवनरतायै नमः
ॐ रत्नताटङ्क धारिण्यै नमः
ॐ रामवामाङ्कसंस्थायै नमः
ॐ रामचन्द्रैक रञ्जिन्यै नमः
ॐ सरयूजल सङ्क्रीडा कारिण्यै नमः
ॐ राममोहिण्यै नमः [90]

ॐ सुवर्ण तुलितायै नमः
ॐ पुण्यायै नमः
ॐ पुण्यकीर्तये नमः
ॐ कलावत्यै नमः
ॐ कलकण्ठायै नमः
ॐ कम्बुकण्ठायै नमः
ॐ रम्भोरवे नमः
ॐ गजगामिन्यै नमः
ॐ रामार्पितमनसे नमः
ॐ रामवन्दितायै नमः [100]

ॐ राम वल्लभायै नमः
ॐ श्रीरामपद चिह्नाङ्गायै नमः
ॐ राम रामेति भाषिण्यै नमः
ॐ रामपर्यङ्कशयनायै नमः
ॐ रामाङ्घ्रिक्षालिण्यै नमः
ॐ वरायै नमः
ॐ कामधेन्वन्नसन्तुष्टायै नमः
ॐ मातुलिङ्गकराधृतायै नमः
ॐ दिव्यचन्दन संस्थायै नमः
ॐ श्रियै नमः
ॐ मूलकासुरमर्दिन्यै नमः [111]

पाठ कैसे करें

सुबह स्नान के बाद साफ़ स्थान पर माँ सीता की प्रतिमा या चित्र के सामने दीपक जलाएँ। फिर श्रद्धा और शांत मन से पाठ करें। नियम और संख्या अपनी परिवार परंपरा या किसी जानकार की सलाह से तय करें।

पाठ के लाभ (मान्यता के अनुसार)

मान्यता है कि श्रद्धा से माँ सीता के नामों का जाप करने पर उनकी कृपा मिलती है और मन को शांति मिलती है। ये लाभ आस्था पर आधारित हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

सीता अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (माँ सीता के 108 नाम) क्या है?

यह माँ सीता के 108 नामों की नामावली है, जिसे भक्त पूजा में पढ़ते हैं।

सीता अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (माँ सीता के 108 नाम) का पाठ कब करें?

आमतौर पर सुबह की पूजा में और रामनवमी तथा जानकी नवमी जैसे अवसरों पर।

क्या इसे रोज़ पढ़ सकते हैं?

हाँ, श्रद्धालु इसे रोज़ की पूजा में भी पढ़ते हैं। इसके लिए कोई कठोर नियम नहीं माना जाता।

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नोट: यहाँ बताए गए लाभ और नियम धार्मिक मान्यता और परंपरा पर आधारित हैं।