डेंगू के लक्षण, बचाव और अस्पताल जाने के चेतावनी संकेत

डेंगू के लक्षण, बचाव और कब अस्पताल जाएँ: स्वास्थ्य मंत्रालय और WHO की गाइडलाइन

बारिश के बाद के महीनों में जमा पानी में मच्छर पनपते हैं और डेंगू के मामले बढ़ने लगते हैं। ज़्यादातर लोगों में डेंगू हल्का रहता है, लेकिन कुछ मामलों में यह गंभीर हो सकता है। इसलिए डेंगू के लक्षण पहचानना और सही समय पर अस्पताल पहुँचना ज़रूरी है। यह लेख भारत सरकार के राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NCVBDC) की क्लिनिकल गाइडलाइन 2023 और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की फैक्टशीट पर आधारित है।

ज़रूरी सूचना: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, इलाज की सलाह नहीं। बुखार होने पर अपने डॉक्टर से मिलें और दवा खुद से तय न करें।

डेंगू कैसे फैलता है

  • डेंगू संक्रमित मादा एडीज़ मच्छर के काटने से फैलता है। शहरों में मुख्य रूप से एडीज़ इजिप्टाई इसका कारण है।
  • यह मच्छर दिन के समय काटता है, इसलिए सिर्फ रात में मच्छरदानी लगाना काफी नहीं है।
  • संक्रमित व्यक्ति को काटने के लगभग 8 से 10 दिन बाद (WHO के अनुसार 8 से 12 दिन) मच्छर दूसरों में वायरस फैलाने लायक हो जाता है।
  • डेंगू एक व्यक्ति से दूसरे को सीधे छूने से नहीं फैलता।

डेंगू के लक्षण

संक्रमण के बाद लक्षण आम तौर पर 4 से 7 दिन में शुरू होते हैं (NCVBDC के अनुसार 3 से 14 दिन, WHO के अनुसार 4 से 10 दिन)। बीमारी अक्सर अचानक तेज़ बुखार से शुरू होती है, जो 2 से 7 दिन रहता है। साथ में ये लक्षण दिख सकते हैं:

  • तेज़ बुखार (गाइडलाइन में 38.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर)
  • तेज़ सिरदर्द और आँखों के पीछे दर्द
  • मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
  • जी मिचलाना और उल्टी
  • शरीर पर लाल दाने या रैश
  • गले या गर्दन की ग्रंथियों में सूजन (WHO)

ज़्यादातर लोग 1 से 2 हफ्ते में ठीक हो जाते हैं, पर कमज़ोरी कई हफ्ते तक रह सकती है।

सबसे खतरनाक चरण: बुखार उतरने के बाद

गाइडलाइन के अनुसार बीमारी के लगभग तीसरे से सातवें दिन के आसपास, जब बुखार उतरने लगता है, तब “क्रिटिकल फेज़” आ सकता है। इस दौरान खून की नलियों से प्लाज़्मा रिसने लगता है और ब्लीडिंग या शॉक का खतरा रहता है। बहुत से लोग बुखार उतरते ही मान लेते हैं कि वे ठीक हो गए, जबकि यही समय सबसे ज़्यादा सतर्क रहने का होता है।

इन चेतावनी संकेतों पर तुरंत अस्पताल जाएँ

  • पेट में तेज़ दर्द या पेट छूने पर दर्द
  • लगातार उल्टी
  • नाक या मसूड़ों से खून आना, उल्टी या मल में खून, काला मल, पेशाब में खून या महिलाओं में बहुत ज़्यादा माहवारी
  • बहुत सुस्ती, बेचैनी या चिड़चिड़ापन, अचानक व्यवहार में बदलाव
  • चक्कर आना या बेहोशी
  • तेज़ साँस चलना या साँस लेने में तकलीफ
  • त्वचा का पीला, ठंडा या चिपचिपा होना
  • अत्यधिक प्यास

बच्चों में ऐसे संकेत दिखें तो बिना देर किए अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी जाती है। गंभीर मामलों में ऐसे अस्पताल में रेफर किया जाता है जहाँ खून चढ़ाने की सुविधा हो।

घर पर देखभाल: गाइडलाइन क्या कहती है

  • आराम करें और खूब तरल पदार्थ लें, जैसे ORS, नारियल पानी, दाल का पानी या नींबू पानी। कार्बोनेटेड कोल्ड ड्रिंक से बचें।
  • बुखार के लिए पैरासिटामोल दी जाती है, लेकिन खुराक और अंतराल डॉक्टर से ही पूछें। गाइडलाइन में वयस्कों के लिए दिन में अधिकतम 4 ग्राम की सीमा बताई गई है और दो खुराक के बीच कम से कम 6 घंटे का फर्क रखा जाता है।
  • एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी दर्द की दवाएँ (NSAIDs) न लें, क्योंकि इनसे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है। WHO और NCVBDC दोनों यही कहते हैं।
  • डॉक्टर के बताए अनुसार समय-समय पर ब्लड काउंट (प्लेटलेट और हीमैटोक्रिट) की जाँच कराएँ।
  • बच्चों और बुज़ुर्गों पर खास नज़र रखें।

प्लेटलेट कम हुए तो घबराएँ नहीं, पर डॉक्टर की सुनें

NCVBDC गाइडलाइन के अनुसार सिर्फ प्लेटलेट गिनती से यह नहीं तय होता कि ब्लीडिंग होगी या नहीं। बिना ब्लीडिंग के नियमित रूप से प्लेटलेट चढ़ाना सामान्यतः सुझाया नहीं जाता; इसका फैसला डॉक्टर मरीज की हालत देखकर करते हैं। इसलिए सोशल मीडिया या किसी के कहने पर खुद प्लेटलेट की मांग न करें।

डेंगू से बचाव

  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें: कूलर, गमलों की ट्रे, टूटे बर्तन, पुराने टायर और छत की टंकियाँ।
  • पानी की टंकियाँ और ड्रम ढककर रखें और हफ्ते में एक बार खाली करके साफ करें।
  • दिन में भी पूरी बाजू के कपड़े पहनें, खिड़कियों पर जाली लगवाएँ और मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे लगाएँ। WHO DEET, पिकारिडिन या IR3535 वाले रिपेलेंट का ज़िक्र करता है।
  • किसी घर में डेंगू का मरीज हो तो उसे भी मच्छरदानी के भीतर रखें, ताकि मच्छर संक्रमण आगे न फैलाए।
  • एक बार डेंगू हो चुका हो तो दोबारा संक्रमण में गंभीर डेंगू का खतरा ज़्यादा रहता है (WHO), इसलिए बचाव और भी ज़रूरी है।

WHO के अनुसार दुनिया भर में 2024 में डेंगू के 1.46 करोड़ मामले दर्ज हुए। एक वैक्सीन (QDenga) कुछ देशों में लाइसेंस प्राप्त है, पर वह केवल अधिक संक्रमण वाले क्षेत्रों में 6 से 16 साल के लोगों के लिए सुझाई गई है। अपने क्षेत्र में उपलब्धता के लिए स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों से पूछें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

डेंगू का बुखार कितने दिन रहता है? आम तौर पर 2 से 7 दिन।

डेंगू में दर्द की कौन सी दवा से बचना चाहिए? एस्पिरिन और आइबुप्रोफेन जैसी NSAID दवाओं से, जब तक डॉक्टर न कहें।

डेंगू का मच्छर कब काटता है? दिन के समय।

स्रोत: NCVBDC, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की “National Guidelines for Clinical Management of Dengue Fever 2023” और WHO की Dengue and Severe Dengue फैक्टशीट। यह लेख किसी डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं है।