बैंक की नौकरी का सपना देखने वाले ज़्यादातर students का पहला सवाल यही होता है: IBPS PO salary per month कितनी मिलती है, और असल में हाथ में कितना आता है? इस पोस्ट में हम सरल भाषा में बेसिक पे, इन-हैंड सैलरी (IBPS PO salary in hand), भत्ते (allowances), 5 साल और 10 साल बाद की बेसिक पे और SBI PO से तुलना समझेंगे।
एक ज़रूरी बात पहले ही: IBPS खुद नौकरी नहीं देता। वह भर्ती परीक्षा कराता है और चुने गए candidates को partner public sector banks में भेजा जाता है। इसलिए allowances और perks हर बैंक में थोड़े अलग हो सकते हैं। नीचे दिए गए आंकड़े notification में छपे scale और third-party sources के अनुमान पर आधारित हैं, इन्हें पक्का (fixed) total न समझें।
IBPS PO सैलरी: एक नज़र में
- IBPS PO की joining Junior Management Grade Scale I (JMGS I) में होती है।
- Scale I की शुरुआती बेसिक पे: ₹48,480 प्रति माह।
- बेसिक के ऊपर DA, HRA, CCA, special allowance जैसे भत्ते जुड़ते हैं, जिनकी दरें शहर और बैंक के हिसाब से बदलती हैं।
- Third-party sources के अनुसार शुरुआती इन-हैंड का अनुमान मोटे तौर पर ₹65,000 से ₹76,000 के बीच बताया जाता है (approximate, depends on city/bank/DA)। अलग-अलग वेबसाइट अलग संख्या देती हैं, इसलिए सही रकम आपकी posting पर निर्भर है।
Scale I की बेसिक पे और increments
हालिया CRP PO/MT notification में Scale I का pay scale इस तरह छपा है: 48480-2000/7-62480-2340/2-67160-2680/7-85920। इसका मतलब है कि बेसिक पे तीन चरणों में बढ़ती है।
| चरण | Increment (₹) | कितनी बार | इस चरण के अंत में बेसिक (₹) |
|---|---|---|---|
| शुरुआत | – | – | 48,480 |
| पहला चरण | 2,000 | 7 | 62,480 |
| दूसरा चरण | 2,340 | 2 | 67,160 |
| तीसरा चरण | 2,680 | 7 | 85,920 |
यह scale बैंकों और कर्मचारी यूनियनों के बीच होने वाले bipartite settlement से तय होता है। यही framework समय-समय पर वेतन ढांचे को तय करता है। इसलिए पे स्केल में किसी बदलाव को लेकर अनुमान न लगाएं, हमेशा नवीनतम official notification देखें।
IBPS PO के भत्ते (Allowances) की सूची
Notification के अनुसार अतिरिक्त भत्ते और सुविधाएं Participating Bank के नियमों के अनुसार मिलती हैं। यानी कौन-सा भत्ता कितना मिलेगा, यह आपके बैंक पर निर्भर है।
| भत्ता | क्या है | कैसे बदलता है |
|---|---|---|
| Dearness Allowance (DA) | महंगाई के हिसाब से मिलने वाला भत्ता | समय-समय पर revise होता है (Consumer Price Index से जुड़ा) |
| House Rent Allowance (HRA) / lease accommodation | किराये या बैंक द्वारा दिए गए आवास के बदले | शहर की category (metro, urban, semi-urban, rural) के अनुसार |
| City Compensatory Allowance (CCA) | बड़े शहरों में रहने का खर्च संभालने के लिए | posting के शहर पर निर्भर |
| Special Allowance | बेसिक से जुड़ा एक अतिरिक्त भत्ता | बैंक के नियमों के अनुसार |
| Learning / fuel / conveyance जैसे भत्ते | कुछ बैंकों में अलग नाम से मिलते हैं | बैंक-विशेष |
इसके अलावा medical सुविधा, leave fare concession (LFC), PF और NPS के तहत pension, और staff loans (housing, vehicle, education) जैसे perks भी मिलते हैं। इनकी शर्तें और सीमाएं हर बैंक की अपनी होती हैं।
DA हर शहर और हर समय क्यों अलग होता है
DA की दर तय नहीं रहती, इसे समय-समय पर revise किया जाता है। इसी कारण इंटरनेट पर अलग-अलग वेबसाइट अलग-अलग in-hand रकम बताती हैं: किसी ने पुरानी DA दर ली होती है, किसी ने नई। इसी तरह HRA और CCA भी posting वाले शहर की category पर टिके हैं। मेट्रो शहर में allowance ज़्यादा और छोटे शहर में कम हो सकता है।
IBPS PO salary in hand: असल में कितना आता है?
Gross salary में बेसिक और सारे भत्ते जुड़ते हैं, लेकिन उसमें से PF/NPS का योगदान, income tax (लागू होने पर) और अन्य कटौती घटती है। जो बचता है वही आपकी IBPS PO salary in hand है।
| कौन-सा स्रोत | अनुमान | नोट |
|---|---|---|
| Oliveboard (salary structure लेख) | इन-हैंड लगभग ₹65,000-₹70,000, table में लगभग ₹71,700 | उसी लेख में अलग-अलग आंकड़े हैं |
| IndianPayCalculator (IBPS PO 2026 पेज) | मासिक लगभग ₹74,000-₹76,000 | posting शहर और मौजूदा DA पर निर्भर बताया गया |
Approximate, depends on city/bank/DA: इन्हें गारंटी की तरह न लें। सही राशि जानने का तरीका सीधा है: जिस बैंक में joining मिली है, उसके offer letter और पहली salary slip को देखें।
Salary slip में क्या-क्या दिखता है
- Earnings: Basic, DA, HRA/lease, CCA, special allowance और अन्य भत्ते
- Deductions: PF/NPS, income tax (TDS), union fee, loan EMI यदि कोई हो
- Net pay: जो आपके खाते में आता है
Joining से पहले अपने बैंक की HR से भत्तों की दर लिखित में पूछ लेना समझदारी है।
बेसिक से gross तक salary कैसे बनती है?
बेसिक पे वह तय रकम है जिससे पूरी salary की गणना शुरू होती है। उसके ऊपर बैंक कई भत्ते जोड़ता है। DA महंगाई के हिसाब से बेसिक का एक प्रतिशत होता है और समय-समय पर बदलता है। HRA और CCA आपकी posting के शहर पर निर्भर करते हैं, जबकि special allowance और बाकी भत्ते बैंक की नीति के अनुसार मिलते हैं। बेसिक और ये सारे भत्ते मिलकर gross salary बनते हैं। उसमें से NPS/PF, professional tax और अन्य कटौती घटने पर जो बचता है, वही in-hand salary है।
एक काल्पनिक उदाहरण (सिर्फ समझने के लिए)
ध्यान दें: नीचे की तालिका केवल उदाहरण है, official salary slip नहीं। अलग-अलग स्रोत DA, HRA और special allowance के अलग आंकड़े बताते हैं, इसलिए यहां सरल मान्यताएं ली गई हैं। आपके बैंक और शहर के हिसाब से असली रकम बदल जाएगी।
| मद | राशि (₹ प्रति माह) |
|---|---|
| बेसिक पे (Scale I शुरुआत) | 48,480 |
| DA (मान्यता: बेसिक का लगभग 21%) | 10,181 |
| HRA (मान्यता: बेसिक का 9%) | 4,363 |
| CCA (मान्यता) | 2,000 |
| Special allowance (मान्यता) | 6,000 |
| Gross salary | 71,024 |
| NPS में कर्मचारी का योगदान (मान्यता: बेसिक+DA का 10%) | – 5,866 |
| Professional tax (मान्यता) | – 200 |
| अनुमानित in-hand (income tax से पहले) | लगभग 64,958 |
इस उदाहरण में income tax (TDS), union fee, loan EMI या अन्य कटौती नहीं जोड़ी गई है। इन्हें जोड़ने पर in-hand कम होगा। साथ ही DA बढ़ने या metro शहर में posting होने पर gross और in-hand दोनों बढ़ सकते हैं। यही वजह है कि अलग-अलग वेबसाइट अलग in-hand आंकड़े बताती हैं।
सबसे भरोसेमंद तरीका यही है कि joining के बाद अपने बैंक की पहली salary slip में Earnings और Deductions की लाइनें देखें, और offer letter में लिखे भत्तों की दर से मिलान करें।
IBPS PO salary after 5 years और after 10 years
अगर मान लें कि हर साल एक increment मिलता है और आपने किसी promotion के बिना काम किया, तो Scale I की केवल बेसिक पे इस तरह बढ़ेगी (scale के अंकों से निकाला गया उदाहरण):
| सेवा के साल | बेसिक पे (₹), सिर्फ increments से |
|---|---|
| शुरुआत | 48,480 |
| 1 साल बाद | 50,480 |
| 3 साल बाद | 54,480 |
| 5 साल बाद | 58,480 |
| 7 साल बाद | 62,480 |
| 9 साल बाद | 67,160 |
| 10 साल बाद | 69,840 |
असल में कई officers 10 साल में promotion के बाद ऊंचे scale में पहुंच जाते हैं, इसलिए उनकी बेसिक इससे ज़्यादा हो सकती है। इस बेसिक के ऊपर DA, HRA और बाकी भत्ते भी उसी अनुपात में बदलेंगे। इसलिए “5 साल बाद इन-हैंड” या “10 साल बाद इन-हैंड” का कोई एक पक्का आंकड़ा नहीं दिया जा सकता।
करियर पाथ: Scale I से आगे
| ग्रेड | पद (आम तौर पर) |
|---|---|
| JMGS I (Scale I) | Probationary Officer / Assistant Manager |
| MMGS II (Scale II) | Manager |
| MMGS III (Scale III) | Senior Manager |
उससे आगे Senior Management ग्रेड (Scale IV, V आदि) आते हैं। Promotion बैंक की नीति, seniority, internal tests और interview पर निर्भर है। साल की कोई तय सीमा हम यहां नहीं दे रहे, क्योंकि अलग-अलग बैंक की policy और रिक्तियां अलग होती हैं।
IBPS PO vs SBI PO salary
दोनों पदों की शुरुआती बेसिक पे के आंकड़े काफी करीब रहते हैं। एक third-party स्रोत (Careers360) के अनुसार SBI PO notification में starting basic ₹48,480 के साथ 4 advance increments का ज़िक्र है। SBI की अपनी allowance संरचना, perks और selection प्रक्रिया अलग होती है, और IBPS PO में partner बैंक के अनुसार फर्क रहता है। सही तुलना के लिए दोनों की latest official notification देखना बेहतर है।
पोस्ट के बीच का फर्क समझना हो तो हमारा Bank PO vs Clerk vs SO का फर्क वाला लेख पढ़ें। बैंक की अलग-अलग भर्तियों को जानने के लिए बैंक जॉब्स के प्रकार: IBPS, SBI, RBI, NABARD देखें। और अगर ग्रेजुएशन के बाद दूसरे विकल्प भी देखने हैं, तो ग्रेजुएशन के बाद सरकारी नौकरी की लिस्ट काम आएगी।
सैलरी के अलावा क्या देखें
- Posting: शहर के हिसाब से HRA/CCA और रहने का खर्च बदलता है।
- Bank policy: loan सुविधा, medical, LFC और promotion नीति हर बैंक की अलग है।
- Probation: शुरुआती दौर में training और confirmation की शर्तें notification में पढ़ें।
- Work profile: branch में sales, customer handling और targets भी काम का हिस्सा होते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
IBPS PO की सैलरी महीने में कितनी होती है?
Scale I की शुरुआती बेसिक पे ₹48,480 है। इसमें DA, HRA, CCA और special allowance जुड़ने पर कुल रकम बढ़ती है। Third-party अनुमान इन-हैंड को लगभग ₹65,000 से ₹76,000 बताते हैं, लेकिन यह approximate है और शहर, बैंक और DA पर निर्भर है।
IBPS PO salary in hand कितनी आती है?
कोई एक पक्का आंकड़ा नहीं है। Gross में से PF/NPS, टैक्स और अन्य कटौती घटने के बाद जो बचता है वह इन-हैंड है। सही राशि के लिए अपने बैंक का offer letter और salary slip देखें।
IBPS PO salary after 5 years कितनी होती है?
हर साल एक increment मानें तो 5 साल बाद Scale I की बेसिक पे ₹58,480 बनती है (₹2,000 के increments से)। भत्ते और promotion के हिसाब से कुल सैलरी अलग होगी।
IBPS PO salary after 10 years कितनी होती है?
सिर्फ increments मानें तो 10 साल बाद बेसिक लगभग ₹69,840 बनती है। Promotion मिलने पर यह ज़्यादा हो सकती है, और भत्ते अलग से जुड़ते हैं।
IBPS PO salary slip में कौन-कौन से भत्ते होते हैं?
आम तौर पर Basic, Dearness Allowance, HRA या lease accommodation, City Compensatory Allowance और special allowance दिखते हैं। कुछ बैंकों में अतिरिक्त भत्ते भी होते हैं, जो बैंक के नियमों पर निर्भर हैं।
IBPS PO vs SBI PO salary में क्या फर्क है?
दोनों की शुरुआती बेसिक पे के आंकड़े करीब बताए जाते हैं, पर allowances, perks और नियम बैंक के हिसाब से अलग होते हैं। तुलना से पहले दोनों की latest official notification देखें।
अस्वीकरण
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है, यह वित्तीय या करियर सलाह नहीं है। सैलरी, भत्ते और नियम बैंक, शहर और समय के अनुसार बदल सकते हैं। किसी भी निर्णय से पहले IBPS की आधिकारिक वेबसाइट (ibps.in) और संबंधित बैंक की notification जरूर जांचें।


