दशहरा पर निबंध: रावण दहन और विजयादशमी का ग्राफिक

दशहरा पर निबंध | Essay on Dussehra in Hindi (10 लाइन, 300 शब्द और भाषण)

दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहते हैं, बुराई पर अच्छाई की जीत का त्योहार है। 2026 में यह मंगलवार, 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा (कुछ क्षेत्रों में 21 अक्टूबर)। स्कूल और परीक्षा के लिए यहाँ दशहरा पर 10 लाइन, 300 शब्दों का निबंध और छोटा भाषण दिया गया है। इसे पढ़कर अपने शब्दों में लिखें।

दशहरा पर 10 लाइन | 10 Lines on Dussehra in Hindi

  1. दशहरा हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है।
  2. यह आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है।
  3. इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।
  4. मान्यता है कि इस दिन भगवान राम ने रावण का वध किया था।
  5. कई जगह यह दिन देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय के रूप में भी मनाया जाता है।
  6. इस अवसर पर रामलीला का मंचन होता है।
  7. शाम को रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं।
  8. जगह-जगह मेले लगते हैं और लोग जलेबी, मिठाइयाँ और पकवान खाते हैं।
  9. कई घरों में शस्त्र, औज़ार और किताबों की पूजा की जाती है।
  10. दशहरा हमें सच्चाई, साहस और अच्छाई के रास्ते पर चलने की सीख देता है।

दशहरा पर निबंध (300 शब्द) | Essay on Dussehra in Hindi

भारत त्योहारों का देश है, और दशहरा उनमें सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है। यह आश्विन शुक्ल दशमी को मनाया जाता है और इसे विजयादशमी भी कहा जाता है। यह नवरात्रि के नौ दिनों के बाद आता है, जब लोग देवी दुर्गा की पूजा करते हैं।

दशहरे से जुड़ी कई कथाएँ प्रचलित हैं। उत्तर और मध्य भारत में माना जाता है कि इसी दिन भगवान राम ने लंका के राजा रावण का वध किया था, जिसने माता सीता का हरण किया था। पूर्वी भारत में इसे देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय के रूप में मनाया जाता है। इन सभी कथाओं का संदेश एक ही है कि अंत में अच्छाई की जीत होती है।

दशहरे से पहले कई दिनों तक रामलीला का आयोजन होता है, जिसमें कलाकार रामायण की कथा का मंचन करते हैं। दशहरे की शाम को खुले मैदानों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के विशाल पुतले बनाए जाते हैं और उनका दहन किया जाता है। बच्चों और बड़ों की भीड़ यह दृश्य देखने आती है। कई शहरों में मेले लगते हैं, जहाँ झूले, खिलौने और मिठाइयों की दुकानें सजती हैं।

कर्नाटक के मैसूरु का दशहरा और हिमाचल प्रदेश का कुल्लू दशहरा अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध हैं। कई जगह इस दिन शस्त्र पूजा और वाहनों की पूजा भी होती है, और लोग नया काम शुरू करना शुभ मानते हैं।

आज के समय में हमें दशहरे का असली संदेश याद रखना चाहिए। केवल पुतले जलाने से बुराई खत्म नहीं होती। हमें अपने भीतर के क्रोध, लालच, घमंड और झूठ जैसे दोषों को भी छोड़ना होगा। साथ ही त्योहार मनाते समय प्रदूषण और सुरक्षा का ध्यान रखना भी ज़रूरी है।

निष्कर्ष यह है कि दशहरा हमें सत्य, साहस और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। अगर हम हर दिन अपने भीतर की एक बुराई को कम करें, तो यही दशहरे की सच्ची जीत होगी।

दशहरा पर छोटा भाषण | Short Speech on Dussehra

आदरणीय गुरुजन और मेरे प्यारे साथियों, आप सभी को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ। दशहरा हमें सिखाता है कि चाहे बुराई कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अंत में जीत सच्चाई की ही होती है। आइए, आज हम संकल्प लें कि अपने भीतर के क्रोध, अहंकार और झूठ को छोड़ेंगे और दूसरों की मदद करेंगे। धन्यवाद।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

दशहरा 2026 कब है?

अधिकांश भारत में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को। कुछ क्षेत्रों, खासकर बंगाल और पूर्वी भारत में 21 अक्टूबर को।

दशहरा क्यों मनाया जाता है?

परंपरा में इसे राम की रावण पर और देवी दुर्गा की महिषासुर पर विजय के रूप में मनाया जाता है।

दशहरे के कितने दिन बाद दिवाली आती है?

लगभग बीस दिन बाद। 2026 में दिवाली रविवार, 8 नवंबर को है।