अगर आप समुद्र में भारत की ताकत के बारे में पढ़ रहे हैं, तो आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) का नाम बार-बार सामने आता है। लेकिन यहीं सबसे बड़ा कन्फ्यूजन भी है, क्योंकि “विक्रांत” नाम के दो अलग जहाज़ हैं। एक पुराना INS Vikrant (R11), जो 1971 की जंग में लड़ा और 1997 में रिटायर हुआ। दूसरा नया स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर, जिसे कोचीन शिपयार्ड ने बनाया है। इस लेख में हम दोनों को आसान हिंदी में, अलग-अलग समझेंगे।
आईएनएस विक्रांत क्या है? (INS Vikrant kya hai)
आईएनएस विक्रांत भारतीय नौसेना (Indian Navy) का एयरक्राफ्ट कैरियर है। एयरक्राफ्ट कैरियर यानी समुद्र में तैरता हुआ एयरबेस, जिसके डेक से लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर उड़ान भरते और उतरते हैं। “INS” का मतलब है Indian Naval Ship, और “विक्रांत” संस्कृत मूल का शब्द है, जिसका सामान्य अर्थ है बहादुर या पराक्रमी।
आज जब लोग “INS Vikrant” सर्च करते हैं, तो ज़्यादातर नए कैरियर की बात होती है, जिसे सरकारी स्रोतों में IAC-1 (Indigenous Aircraft Carrier) भी कहा गया है। इसे भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिज़ाइन और निर्मित एयरक्राफ्ट कैरियर माना जाता है।
दो विक्रांत: फर्क एक नज़र में
बहुत से लोग मान लेते हैं कि नया विक्रांत वही पुराना जहाज़ है जिसे दोबारा बनाया गया। ऐसा नहीं है। ये दोनों बिल्कुल अलग जहाज़ हैं। नए जहाज़ को पुराने की याद और सम्मान में वही नाम दिया गया है।
- पुराना INS Vikrant (R11): ब्रिटेन में बना, 1961 में भारतीय नौसेना में शामिल हुआ, 1997 में सेवा से हटा।
- नया INS Vikrant (IAC-1): भारत में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) में बना, 2 सितंबर 2022 को कमीशन हुआ।
INS Vikrant full form: क्या इसका कोई फुल फॉर्म है?
“INS Vikrant full form” बहुत सर्च किया जाता है। सीधी बात यह है कि VIKRANT कोई एक्रोनिम नहीं है, यानी इसके हर अक्षर का अलग मतलब नहीं है। इसमें INS का अर्थ Indian Naval Ship है और Vikrant एक नाम है। नए जहाज़ के प्रोजेक्ट नाम IAC का फुल फॉर्म Indigenous Aircraft Carrier है। इंटरनेट पर कुछ जगह “Vikrant” के अक्षरों के काल्पनिक फुल फॉर्म मिलते हैं, पर आधिकारिक स्रोतों में ऐसा कुछ नहीं मिलता।
नया INS Vikrant: भारत का पहला स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर
किसने बनाया? (INS Vikrant made by which country)
अगर सवाल नए जहाज़ का है, तो जवाब है भारत। इसे केरल के कोच्चि में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया और इसका डिज़ाइन भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो ने तैयार किया। PIB की जानकारी के अनुसार इसमें लगभग 76% स्वदेशी सामग्री है। (पुराने वाले की बात करें तो वह ब्रिटेन में बना था, इसकी चर्चा आगे है।)
निर्माण का सफर
- फरवरी 2009: कील लेइंग यानी निर्माण की औपचारिक शुरुआत
- अगस्त 2013: जहाज़ का लॉन्च (जलावतरण)
- 4 अगस्त 2021: पहली समुद्री ट्रायल
- 2 सितंबर 2022: कोच्चि में भारतीय नौसेना में कमीशन
इसके बाद 2023 में इस पर MiG-29K और नौसैनिक LCA की लैंडिंग जैसे परीक्षण भी हुए, ऐसा PIB ने बताया है।
INS Vikrant की खासियतें और स्पेसिफिकेशन
नीचे दी गई संख्याएं PIB, कोचीन शिपयार्ड और अन्य सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर लगभग (approximate) हैं। अलग-अलग स्रोतों में थोड़ा अंतर दिखता है, इसलिए इन्हें मोटा अंदाज़ा ही मानें।
| विशेषता | नया INS Vikrant (IAC-1) | पुराना INS Vikrant (R11) |
|---|---|---|
| निर्माता / देश | कोचीन शिपयार्ड, भारत | ब्रिटेन (HMS Hercules के रूप में शुरू हुआ) |
| नौसेना में शामिल | 2 सितंबर 2022 | 4 मार्च 1961 |
| लंबाई (ins vikrant length) | लगभग 262 मीटर (PIB: 262.5 मी.) | लगभग 210 मीटर |
| चौड़ाई (beam) | लगभग 62 मीटर | इस लेख में पुष्टि नहीं की गई |
| विस्थापन (displacement) | लगभग 45,000 टन | लगभग 16,000 से 19,500 टन |
| अधिकतम रफ्तार | लगभग 28 नॉट (कुछ स्रोतों में 30) | इस लेख में पुष्टि नहीं की गई |
| विमान क्षमता | लगभग 30 से 36 विमान/हेलीकॉप्टर (स्रोत के अनुसार) | सी हॉक, सी हैरियर, एलिज़े जैसे विमान |
| सेवा से रिटायर | सक्रिय सेवा में | 31 जनवरी 1997 |
INS Vikrant की लंबाई (ins vikrant length) कितनी है?
नए INS Vikrant की लंबाई लगभग 262 मीटर है, यानी करीब ढाई फुटबॉल मैदानों से थोड़ी ज़्यादा। PIB में 262.5 मीटर बताई गई है। इसकी चौड़ाई लगभग 62 मीटर है। पुराने R11 की लंबाई लगभग 210 मीटर मानी जाती है, यानी नया जहाज़ काफी बड़ा है।
कौन से विमान और हेलीकॉप्टर चलते हैं?
PIB के अनुसार नए विक्रांत से MiG-29K और MiG-29K UB लड़ाकू विमान, कामोव-31 और MH-60R हेलीकॉप्टर, साथ ही चेतक और एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH) संचालित हो सकते हैं। यह सिर्फ एक जहाज़ नहीं, बल्कि पूरी हवाई ताकत ले जाने वाला प्लेटफॉर्म है।
पुराना INS Vikrant (R11): इतिहास
ब्रिटेन से भारत तक
पुराना विक्रांत मूल रूप से ब्रिटिश रॉयल नेवी के लिए HMS Hercules नाम से शुरू हुआ था, पर कभी रॉयल नेवी में कमीशन नहीं हुआ। बाद में भारत ने इसे खरीदा और बेलफास्ट में पूरा होने के बाद यह 4 मार्च 1961 को INS Vikrant के रूप में भारतीय नौसेना में शामिल हुआ। इसलिए अगर कोई पूछे कि “INS Vikrant made by which country”, तो पुराने जहाज़ के लिए जवाब ब्रिटेन है और नए के लिए भारत।
PIB के अनुसार इस जहाज़ ने 1961 के गोवा मुक्ति अभियान में भी भूमिका निभाई थी।
INS Vikrant 1971 की जंग में भूमिका
“ins vikrant 1971” सबसे ज़्यादा खोजे जाने वाले विषयों में है। 1971 के भारत-पाक युद्ध में पुराना विक्रांत पूर्वी बेड़े (Eastern Fleet) के साथ बंगाल की खाड़ी में तैनात था। सार्वजनिक स्रोतों के अनुसार इसके सी हॉक विमानों ने पूर्वी पाकिस्तान (आज का बांग्लादेश) के तटीय इलाकों और बंदरगाहों, जैसे चटगांव, कॉक्स बाज़ार और खुलना के आसपास, हमले किए और समुद्री नाकेबंदी में मदद की। इस नाकेबंदी ने पूर्वी पाकिस्तान को समुद्र के रास्ते मदद मिलने से काफी हद तक रोका। हालांकि विभिन्न इतिहास-स्रोतों में ऑपरेशन के बारीक ब्योरे अलग-अलग मिलते हैं, इसलिए गहरी रिसर्च के लिए आधिकारिक नौसेना इतिहास देखें।
रिटायरमेंट और म्यूज़ियम
पुराना विक्रांत 31 जनवरी 1997 को सेवा से हटा। कुछ समय मुंबई में म्यूज़ियम शिप के रूप में रखा गया, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे बंद किया गया और बाद में इसे नीलाम कर तोड़ा गया। यानी आज जो जहाज़ समुद्र में है, वह पुराना नहीं, नया स्वदेशी विक्रांत है।
भारत के लिए स्वदेशी विक्रांत क्यों खास है?
- आत्मनिर्भरता: इतना बड़ा कैरियर खुद डिज़ाइन और बनाना किसी देश की शिपबिल्डिंग क्षमता का बड़ा सबूत है।
- रोज़गार और उद्योग: इसके निर्माण में देश की कई कंपनियां, MSME और हज़ारों कामगार जुड़े रहे।
- समुद्री सुरक्षा: हिंद महासागर में निगरानी, हवाई कवर और पनडुब्बी-रोधी अभियानों के लिए कैरियर अहम माना जाता है।
- प्रेरणा: यह युवाओं को इंजीनियरिंग और रक्षा सेवाओं की तरफ आकर्षित करता है।
नौसेना या कोस्ट गार्ड में करियर बनाना चाहते हैं?
अगर विक्रांत जैसे जहाज़ों को पढ़कर आपको वर्दी पहनने का मन करता है, तो हमारी गाइड भारतीय नेवी में कैसे जाएं (12वीं और ग्रेजुएशन के बाद) में एंट्री के रास्ते समझाए गए हैं। समुद्री सुरक्षा के दूसरे विकल्प के लिए इंडियन कोस्ट गार्ड में कैसे जाएं और योग्यता भी पढ़ सकते हैं।
याद रखने लायक मुख्य बातें
- INS Vikrant नाम के दो अलग जहाज़ हैं: पुराना R11 (ब्रिटेन में बना) और नया IAC-1 (भारत में बना)।
- 1971 की जंग में हिस्सा लेने वाला पुराना विक्रांत था, नया नहीं।
- नया विक्रांत लगभग 262 मीटर लंबा और लगभग 45,000 टन का है, और 2 सितंबर 2022 को कमीशन हुआ।
- “Vikrant” का कोई आधिकारिक फुल फॉर्म नहीं है; INS का मतलब Indian Naval Ship है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
आईएनएस विक्रांत क्या है?
आईएनएस विक्रांत भारतीय नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर है। आज इस नाम से आमतौर पर कोचीन शिपयार्ड में बना भारत का पहला स्वदेशी कैरियर समझा जाता है, जो 2 सितंबर 2022 को कमीशन हुआ। इसी नाम का एक पुराना जहाज़ (R11) 1961 से 1997 तक सेवा में था।
INS Vikrant का फुल फॉर्म क्या है?
Vikrant किसी शब्द-समूह का संक्षिप्त रूप नहीं, बल्कि एक नाम है जिसका अर्थ पराक्रमी या बहादुर है। INS का मतलब Indian Naval Ship है और नए जहाज़ के प्रोजेक्ट नाम IAC का मतलब Indigenous Aircraft Carrier है।
INS Vikrant की लंबाई कितनी है?
नए INS Vikrant की लंबाई लगभग 262 मीटर (PIB के अनुसार 262.5 मीटर) और चौड़ाई लगभग 62 मीटर है। पुराने R11 की लंबाई लगभग 210 मीटर मानी जाती है। आंकड़े स्रोत के अनुसार थोड़े अलग हो सकते हैं।
INS Vikrant किस देश ने बनाया?
नया INS Vikrant भारत में कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है। पुराना INS Vikrant (R11) ब्रिटेन में बना था और भारत ने उसे खरीदकर 1961 में शामिल किया था।
1971 की जंग में INS Vikrant की क्या भूमिका थी?
1971 में पुराना INS Vikrant (R11) पूर्वी बेड़े के साथ बंगाल की खाड़ी में तैनात था। सार्वजनिक स्रोतों के अनुसार उसके विमानों ने पूर्वी पाकिस्तान के तटीय ठिकानों पर हमले किए और समुद्री नाकेबंदी में मदद की। नया विक्रांत इस जंग का हिस्सा नहीं था।
अस्वीकरण
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। जहाज़ के आकार, विस्थापन, विमान संख्या और ऐतिहासिक ब्योरों के आंकड़े अलग-अलग स्रोतों में थोड़े भिन्न हो सकते हैं और यहां लगभग दिए गए हैं। आधिकारिक और ताज़ा जानकारी के लिए PIB, भारतीय नौसेना और कोचीन शिपयार्ड की वेबसाइट देखें।


